रांची: झारखंड में JPSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। इसी बीच आंदोलन स्थल से एक चिंताजनक खबर सामने आई है। भूख हड़ताल पर बैठे छात्र राहुल क्रांति की अचानक तबीयत बिगड़ गई। हालत खराब होने के बाद उन्हें एंबुलेंस के जरिए इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
राहुल क्रांति रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन में भूख हड़ताल पर बैठे थे। छात्रों की मांग है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
अचानक क्यों बिगड़ी राहुल क्रांति की तबीयत?
भूख हड़ताल के दौरान लंबे समय तक भोजन नहीं लेने से स्वास्थ्य पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। धरना स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक, तबीयत बिगड़ने के बाद राहुल क्रांति को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद एंबुलेंस बुलाकर उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया।
छात्र आंदोलन से जुड़े लोगों का कहना है कि भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की लगातार निगरानी और स्वास्थ्य जांच जरूरी है। आंदोलनकारी छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर अब चिंता बढ़ गई है।
JPSC आंदोलन में क्या है छात्रों की मांग?
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र लंबे समय से अपनी आवाज उठा रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में विवादित परीक्षाओं की जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता शामिल है।
छात्र चाहते हैं कि परीक्षा व्यवस्था ऐसी हो, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है।
क्या भूख हड़ताल से बढ़ेगा दबाव?
राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद आंदोलन को लेकर प्रशासन पर भी दबाव बढ़ सकता है। एक तरफ छात्र अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के मूड में नहीं हैं, वहीं दूसरी तरफ भूख हड़ताल कर रहे छात्रों की सेहत बड़ा मुद्दा बनती जा रही है।
अब सवाल यह है कि क्या राहुल क्रांति की तबीयत बिगड़ने के बाद सरकार और प्रशासन छात्रों से बातचीत की दिशा में कोई ठोस कदम उठाएगा? या फिर JPSC आंदोलन इसी तरह आगे भी जारी रहेगा?
फिलहाल राहुल क्रांति को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। उनकी स्वास्थ्य स्थिति और आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।


