रांची: झारखंड भाजपा का छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया जा रहा है। आज मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड भाजपा के प्रमुख नेता शामिल हुए। झारखंड भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश भी शामिल हुए।
झारखंड में अपने अधिकार, भविष्य और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलनरत छात्रों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज की घटना को अत्यंत शर्मनाक, दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताते हुए भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद राज्यसभा दीपक प्रकाश ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है।
दीपक प्रकाश ने कहा कि 17 दिनों से झारखंड के हजारों छात्र जयपाल सिंह स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन कर रहे हैं। वे किसी व्यक्तिगत लाभ की मांग नहीं कर रहे, बल्कि राज्य की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। सरकार ने छात्रों की पीड़ा और उनके सवालों का समाधान करने के बजाय वार्ता के नाम पर उन्हें टालने और अब पुलिस की लाठी के बल पर उनकी आवाज दबाने का रास्ता चुना है।
उन्होंने कहा कि जिस राज्य में युवा अपने हक के लिए शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन भी नहीं कर सकता, वहां सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। क्या झारखंड में अपनी बात रखने के लिए भी सरकार से अनुमति लेनी होगी? क्या लोकतांत्रिक तरीके से मुख्यमंत्री से मिलने जाना अब अपराध हो गया है?
दीपक प्रकाश ने कहा कि छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास जाकर उनसे वार्ता करने का प्रयास कर रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, विधायकों एवं पार्टी कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा रोकना और हिरासत में लेना सरकार की बौखलाहट और दमनकारी मानसिकता को दर्शाता है। लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को विपक्ष और आंदोलनरत छात्रों की बात सुननी चाहिए।
*लाठी से नहीं, संवाद और न्याय से चलेगा झारखंड*
उन्होंने कहा कि निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज किसी भी सभ्य और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए स्वीकार्य नहीं हो सकता। पहले छात्रों को बारिश में टेंट लगाने से रोकना, फिर वाटर कैनन का इस्तेमाल करना और अब लाठीचार्ज करना यह दिखाता है कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय आंदोलन को कुचलना चाहती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को याद रखना चाहिए कि लाठी की चोट से छात्रों की आवाज कुछ समय के लिए दबाई जा सकती है, लेकिन उनके सवाल और उनके अधिकार की लड़ाई को खत्म नहीं किया जा सकता। झारखंड का युवा अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ को अब और बर्दाश्त नहीं करेगा।
*JPSC-JSSC समेत सभी भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच जरूरी:
दीपक प्रकाश ने आगे कहा कि झारखंड में JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही, माध्यमिक शिक्षक नियुक्ति सहित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठते रहे हैं। पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता, नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और अन्य शिकायतों ने लाखों अभ्यर्थियों के विश्वास को प्रभावित किया है।
उन्होंने कहा कि इन मामलों में दूध का दूध और पानी का पानी करने के लिए निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच आवश्यक है। राज्य सरकार को अपनी जांच एजेंसियों के बजाय CBI जैसी स्वतंत्र केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की अनुशंसा तत्काल करनी चाहिए, ताकि किसी भी दोषी व्यक्ति को राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण न मिल सके।
दीपक प्रकाश ने कहा कि जांच से डरने की जरूरत तभी होती है जब कहीं कुछ छिपाने की आशंका हो। यदि सरकार को अपने ऊपर पूरा विश्वास है तो वह बिना किसी विलंब के CBI जांच की अनुशंसा करे और दोषियों को कानून के कठघरे में खड़ा करे।
*कांग्रेस की चुप्पी पर भी उठाए सवाल*
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस के समर्थन से सरकार चल रही है। ऐसे में छात्रों पर हुए दमन और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोपों पर कांग्रेस नेतृत्व की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में लोकतंत्र और युवाओं के अधिकार की बात करने वाली कांग्रेस को झारखंड में छात्रों पर हो रहे कथित दमन पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कांग्रेस नेतृत्व को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर दबाव बनाकर छात्रों की CBI जांच की मांग स्वीकार करवानी चाहिए। यदि सरकार छात्रों की जायज मांगों को सुनने को तैयार नहीं है, तो कांग्रेस को सरकार के साथ अपने समर्थन और राजनीतिक साझेदारी पर पुनर्विचार करना चाहिए।
*सरकार याद रखे—युवा शक्ति को दबाया नहीं जा सकता*
दीपक प्रकाश ने कहा कि झारखंड के युवा केवल नौकरी नहीं, बल्कि न्याय, पारदर्शिता और अपने परिश्रम का सम्मान मांग रहे हैं। गरीब, आदिवासी, दलित, पिछड़े, ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के लाखों बच्चे वर्षों तक मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। परीक्षा में गड़बड़ी या नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठना केवल एक अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं, बल्कि पूरे परिवार के सपनों के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज को राजनीतिक विरोध मानकर कुचलने की भूल नहीं करनी चाहिए। यह झारखंड के भविष्य का सवाल है और इस सवाल से कोई सरकार भाग नहीं सकती।
दीपक प्रकाश ने कहा कि भाजपा छात्रों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता, भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती और दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती, तब तक भाजपा सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी।
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली किसी भी ताकत को भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार लाठी चला सकती है, आवाज दबाने की कोशिश कर सकती है, लेकिन छात्रों के सवालों को खत्म नहीं कर सकती। लोकतंत्र में अंतिम शक्ति जनता और युवा शक्ति की होती है। हेमंत सरकार को छात्रों की आवाज सुननी होगी और उन्हें न्याय देना होगा।

