रांची: झारखंड में छात्र आंदोलन का मुद्दा गरमाया हुआ है। आंदोलन से जुड़े छात्र और छात्राओं पर पुलिस के द्वारा शांति भंग करने का मामला दर्ज कराया गया है। आंदोलनकारी छात्रों का आरोप है कि झारखंड सरकार उनके लोकतांत्रिक अधिकार को कुचलना चाहती है। पुतला दहन के दिन मामला बिगड़ गया। पुतला छीनने का आरोप सत्ता पक्ष के समर्थकों पर लगा। अमीषा प्रसाद नामक छात्रा को रविवार को कोतवाली थाने में घंटों पूछताछ के लिए रखा गया। इसकी सूचना जैसे ही भाजपा नेताओं को मिली तो वे लोग कोतवाली पहुंच गए।
झारखंड में इस समय भाजपा छात्र आंदोलन को नैतिक समर्थन दिये हुई है। उसके मुद्दे को लेकर झारखंड की हेमंत सरकार पर हमलावरह। आज दिन सोमवार को प्रतिमा कमारी शिकायत लेकर कोतवाली थाना पहुंची। पुतला धन के दिन उसके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार की शिकायत दर्ज कराना था। भाजपा नेता भी यहां पहुंचे। बाबूलाल मरांडी, दीपक प्रकाश, अमर कुमार बावरी समेत अनेक नेता कोतवाली पहुंचे। हल्ला हंगामा हुआ। पुलिस छात्रा प्रतिमा कुमारी के मामले को सुनी। बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया है कि झारखंड में हेमंत सरकार हिटलरशाही पर उतर आई है। आंदोलन पर पाबंदी लगाना चाहती है। सोशल मीडिया पर पहरेदारी बिठा रखी है।
भाजपा नेता अमर कुमार बावरी ने आरोप लगाया कि पुलिस सत्ताधारी दल के इशारे पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस को राजनीतिक दल के कार्यकर्ता की तरह काम नहीं करना चाहिए। कई लोगों पर FIR दर्ज कराया गया है। ऐसे लोगों पर भी मामला दर्ज कराया गया है जो पुतला दहन के दिन रांची में थे भी नहीं। हजारीबाग में भी ऐसे छात्र नेताओं पर प्राथमिकी दर्ज़ कराई गई है जो उस दिन रांची में थे।
झारखंड में JPSC -JSSC की परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ हेमंत सरकार के खिलाफ छात्रों में गुस्सा है। सरकार ने छात्र आंदोलन को समाप्त कराने के लिए छात्रों को मांग को पूरा भी किया है। कई नियुक्तियों को रद्द कर दिया गया है। लेकिन पीड़ित JPSC -JSSC के अधिकारियों ने न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है। कोर्ट से नियुक्ति रद्द करने संबंधी आदेश पर रोक लगा दी है।

