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JMM ने भाजपा को दी चुनौती, सामने आकर मुकाबला करे तो जानें।

Rajesh Kumar

Rajesh Kumar

Sep 02, 2026 · 8:15 PM
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JMM ने भाजपा को दी चुनौती, सामने आकर मुकाबला करे तो जानें।
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रांची: झारखंड में छात्र के नाम पर राजनीति चल रही है। छात्र आंदोलन भले समाप्त हो गया है। लेकिन विषय अभी अलग – अलग स्तर पर चल रहा है। भाजपा इस आग को जलाए रखना चाहती है। विपक्ष में होने के नाते हेमंत सरकार को घेरने का मौका जाने नहीं देना चाहती। इस JMM कैसे चुप रह सकता है। उसकी भी प्रतिक्रिया आ गई है। उसके प्रमुख नेता विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा पर पलटवार किया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने JPSC-JSSC परीक्षाओं के मुद्दे पर भाजपा के आंदोलन और 48 घंटे के अल्टीमेटम को राजनीतिक नौटंकी करार दिया है। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा की मौजूदा और पूर्व की गतिविधियों से यह पूरी तरह जगजाहिर हो चुका है कि पार्टी छात्रों को भ्रम में डालकर अपना राजनीतिक हित साधती रही है। भाजपा नेताओं को छात्रों के भविष्य की चिंता है तो उन्हें छात्रों की पीठ के पीछे से राजनीति करने के बजाय सीधे राजनीतिक और कानूनी लड़ाई के मैदान में उतरना चाहिए।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि भाजपा प्रदेश के नेताओं को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जब सीबीआई जांच का मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तब मुख्य सचिव पर दबाव बनाकर वे आखिर क्या संदेश देना चाहते हैं। न्यायालय में विचाराधीन मामले में इस तरह राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश भाजपा की मंशा पर सवाल खड़े करती है। भाजपा को केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग में महारत हासिल है, यह कौन नहीं जानता है।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक निर्णय लिये हैं। सरकार ने पूरे मामले में जांच और कार्रवाई का रास्ता अपनाया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीआईडी लगातार कार्रवाई कर रही है और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे परीक्षा में कथित धांधली से जुड़े लोगों पर शिकंजा कस रहा है। इसी कार्रवाई से भाजपा घबराई हुई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अब सीबीआई जांच की मांग की आड़ में उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है, जिनके तार कथित परीक्षा धांधली से जुड़े हो सकते हैं। भाजपा को बताना चाहिए कि उसे राज्य की जांच एजेंसी की कार्रवाई पर भरोसा क्यों नहीं है और आखिर ऐसी कौन-सी जल्दबाजी है कि न्यायालय में मामला विचाराधीन होने के बावजूद वह सरकार पर दबाव बनाने की राजनीति कर रही है। भाजपा को डर है कि उसका कनेक्शन जगजाहिर ना हो जाए।

विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। लेकिन छात्रों के आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाकर सत्ता हासिल करने की कोशिश भी बर्दाश्त नहीं होगी। भाजपा को छात्रों की भावनाओं से खेलना और उनकी पीठ के पीछे से राजनीति करना बंद करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो भाजपा सीधे मैदान में आए, कानूनी लड़ाई लड़नी है तो कानून के रास्ते पर चले। छुप-छुपकर राजनीति करने वालों का चेहरा जनता के सामने बेनकाब हो चुका है। झारखंड की जनता यह समझ चुकी है कि भाजपा को छात्रों के भविष्य से ज्यादा अपनी राजनीतिक जमीन की चिंता है।

 

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