
नीट परीक्षा विवाद और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जारी आंदोलन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और केंद्र सरकार के बीच हुई अहम बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई। CJP प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह से मुलाकात कर अपनी मांगें सरकार के सामने रखीं। बैठक के बाद संगठन ने साफ कर दिया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर वह पीछे हटने को तैयार नहीं है। CJP के प्रतिनिधियों ने बताया कि बैठक में तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया गया। इनमें सबसे अहम मांग शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की रही। संगठन का कहना है कि नीट पेपर लीक जैसे मामलों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और इसके लिए शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन जरूरी है। इसके अलावा CJP ने नीट विवाद के कारण कथित रूप से जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग रखी। संगठन ने प्रभावित परिवारों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की है।
वहीं, आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए मामलों और एफआईआर वापस लेने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई। बैठक के दौरान दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा भी चर्चा में रहा। CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन से जुड़े कई लोगों को हिरासत में लिया गया। उन्होंने सरकार से ऐसी कार्रवाई रोकने की मांग की। हालांकि, सरकार की ओर से आश्वासन दिया गया कि यदि किसी तरह की अनुचित कार्रवाई हुई है तो उसकी समीक्षा की जाएगी।CJP प्रतिनिधियों के मुताबिक, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर सरकार ने तुरंत फैसला नहीं दिया है और जवाब देने के लिए समय मांगा है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम पर है। इस बीच संगठन ने संकेत दिए हैं कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रह सकता है। नीट विवाद, शिक्षा सुधार और छात्रों के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बड़ी बहस का विषय बन गया है।

