रांची: झारखंड की राजनीति में दो विषय अभी गरमाया हुआ है। एक तो छात्रों का विषय जिनको लेकर पिछले दिनों आंदोलन हुआ। सरकार ने कई नियुक्तियां रद्द कर दी। कोर्ट ने फिर उन्हें बहाल कर दिया। दूसरा विषय MMDR कानून का है।
झारखंड भाजपा का डेलिगेशन आज छात्रों से जुड़े मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के बजाय सरकार के मुख्य सचिव अविनाश कुमार से मिला। बताया गया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने समय नहीं दिया इसलिए उनके सबसे करीबी अधिकारी यानी मुख्य सचिव अविनाश कुमार को मिलकर ज्ञापन सौंपा।
बीजेपी के इस डेलिगेशन का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू ने किया। इसमें बाबूलाल मरांडी, सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री प्रदीप वर्मा, सांसद बी डी राम, विधायक नवीन जायसवाल, सी पी सिंह, नीरा यादव, आलोक चौरसिया, मंजू कुमारी, रागिनी सिंह, नागेंद्र महतो, रोशन चौधरी शामिल थे। इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बावरी, पार्टी नेता गणेश मिश्रा, भानु प्रताप शाही, राकेश प्रसाद शामिल थे।
भाजपा के डेलिगेशन ने अपने ज्ञापन में आंदोलनकारी छात्रों पर हुए मुकदमे को रद्द किया जाना चाहिए। दिल्ली के जंतर मंतर में हुए छात्र आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुई प्राथमिकी को रद्द किया गया है। उसी तरह यहां भी छात्रों पर गलत तरीके से हुई प्राथमिकी को रद्द किया जाना चाहिए। इसके अलावा JPSC – JSSC नियुक्ति में कथित धांधली की CBI जांच कराई जानी चाहिए। हेमंत सरकार CID जांच करवा रही है जो निष्पक्ष हो ही नहीं सकती है।
बीजेपी ने कहा है कि 48 घंटे में अगर हेमंत सरकार ने उपयुक्त मांगों पर अमल नहीं किया तो आंदोलन होगा। BJP छात्रों के साथ खड़ी है।

