रांची : आज आंदोलनकारी छात्रों ने झारखंड विधानसभा का घेराव कार्यक्रम रखा था। इसको लेकर पूरे प्रदेश से हजारों की संख्या में छात्र इकट्ठा हुए थे। पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था को धता भी बताया गया। विधानसभा तक पहुंचने के लिए बैरिकेडिंग तोड़े गए। लाठीचार्ज किया गया। आंसू गैस के गोले दागे गए। कई छात्रों को चोटें आईं। पुलिस ने जो काम किया वह सबके सामने है। पूरा देश रांची में हो रहे छात्रों के आंदोलन को देखा।
अब बात करते हैं सरकार की:-
झारखंड के मुख्यमंत्री ने छात्रों के विधानसभा घेराव कार्यक्रम पर अपनी भावना व्यक्त की है। उन्होंने पुलिस के काम की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि आज के छात्र आंदोलन के दौरान संयम, संवेदनशीलता और पूरी जिम्मेदारी के साथ स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारियों एवं जवानों का मैं धन्यवाद करता हूं।
उन्होंने छात्रों को निम्नलिखित शब्दों में संबोधित किया है।

मेरे प्यारे युवा साथियों,
आपने अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज़ उठाई। लोकतंत्र में अपनी बात रखने का आपका अधिकार है और आपकी आवाज़ का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है।
सरकार ने आपकी बात सुनी है। हमारे सरकार के वरिष्ठ मंत्रीगण आपसे लगातार संवाद करते रहे हैं और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि आपकी मांगों पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई होगी।
पिछले कुछ दिनों में आपने देखा है कि दोषी चाहे कोई भी हो, सरकार ने किसी को भी बख्शा नहीं है। हमारा स्पष्ट उद्देश्य है कि व्यवस्था में ऐसी कमियां दूर हों, जिससे भविष्य में किसी भी छात्र को परेशानी न उठानी पड़े।
हम परीक्षा व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी, तकनीक-सक्षम, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना चाहते हैं। इस बदलाव में आपकी भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।
हमारा प्रयास है कि झारखंड केवल समस्याओं की चर्चा न करे, बल्कि यहाँ से समाधान की एक नई मिसाल कायम करे।
मैं यह भी समझता हूं कि आपके शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने राजनीतिक लाभ के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को भटकाने की कोशिश की। आप सभी से अपील है कि आप ऐसे किसी भी राजनीतिक नैरेटिव के बहकावे में न आएं।

