रामगढ़: बाबा ओ बाबा, मां भी आपके पास चली गई। इतनी जल्दी उसे आपने बुला लिया। आप तो छोड़ ही गए लेकिन मां भी मुझे अपनी ममता की छाया से दूर कर दिया।यह क्या हो रहा है प्रभु !
—— निशब्द मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन!
बेटा यह संसार का नियम है। जो आता है वह जाता ही है। प्रकृति का शाश्वत नियम है। जो कमी आई है वो तो खलेगी। लेकिन ऊपरवाले के आगे किसका चला है।तुम अपना धर्म निभाओ। माता – पिता के यश को दोगुना करो। उनके नाम को और आगे बढ़ाओ। यही अपेक्षा है – आकाशवाणी !
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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता रूपी सोरेन का अंतिम संस्कार गुरुवार को पूरे सम्मान और पारंपरिक रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ। अंत्येष्टि रामगढ़ जिला में उनके पैतृक गांव नेमरा स्थित श्मशान घाट पर हुई।
अपनी दिवंगत माता को मुखाग्नि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दी। जैसे ही मुखाग्नि दी गई, पूरा गांव और वहां मौजूद हजारों लोगों की आँखें नम हो गईं। इस अवसर पर पूरा माहौल अत्यंत गमगीन हो गया। इसी स्थान पर पिछले साल गुरुजीभी पंचतत्व में विलीन हो गए थे। नम आंखों से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपनी माँ को अंतिम विदाई दी। हजारों आंखें नम थीं।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की माता दिवंगत रूपी सोरेन के पार्थिव शरीर का दर्शन और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए नेमरा गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इस दौरान दूर-दराज के क्षेत्रों से आए सैकड़ों ग्रामीण, समर्थकों, राजनीतिक दिग्गजों और प्रशासनिक अधिकारियों ने दिवंगत रूपी सोरेन को अश्रुपूर्ण आँखों से अंतिम विदाई दी। शव यात्रा में शामिल होकर बड़ी संख्या में लोग श्मशान घाट तक गये। माहौल गमगीन था, लेकिन हर एक की अंतिम तमन्ना रूपी सोरेन का अंतिम दर्शन करते हुए उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई देना था। नेमरा गांव का हर एक घर अंतिम विदाई बेला में जहां शामिल था, वहीं रूपी सोरेन के व्यक्तित्व और कृतित्व पर भी चर्चा कर रहा था।
रूपी सोरेन सादगी और संघर्ष की प्रतिमूर्ति थीं:-
दिवंगत रूपी सोरेन झारखंड आंदोलन के दौर से लेकर आज तक सादगी, त्याग और संघर्ष की प्रतिमूर्ति रही थीं। उन्होंने ना केवल अपना परिवारिक दायित्व बखूबी निभाया था, बल्कि पूरे झारखंड समाज के लिए एक अभिभावक की भूमिका भी निभाई थी। उनके निधन से झारखंड ने एक ममतामयी मां और मार्गदर्शक को खो दिया है। इस दुःखद वेला में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने मुख्यमंत्री और उनके परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की है। हम भी अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं।

