न्यूज डेस्क: मंगलवार को वो हुआ जिसकी कल्पना मुश्किल थी। हवाई यातायात पर ऐसा प्रभाव डाला कि लोगों को याद ताउम्र रहेगी। यह मामला ब्रिटेन का है।एयर ट्रैफिक कंट्रोल यानी एटीसी वह सिस्टम है जो हवा में उड़ रहे जहाजों को. ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज ने बताया कि उनके फ्लाइट प्रोसेसिंग सिस्टम में एक अचानक बड़ी तकनीकी खराबी आ गई थी इस खराबी की वजह से उड़ानों के आने-जाने का डेटा सही से प्रोसेस नहीं हो पा रहा था तकनीकी से खराबी की जानकारी मिलते ही एनएटीएस की टेक्निकल टीम ने तुरंत काम शुरू किया. बाद में एजेंसी ने साफ किया कि उन्होंने समस्या का हल निकाल लिया है और सिस्टम धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. लेकिन तब तक सैकड़ों उड़ानों का शेड्यूल पूरी तरह बिगड़ चुका था.
ब्रिटेन के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स पर कैसा था मंजर?
फ्लाइट्स पर नजर रखने वाली वेबसाइट ‘फ्लाइटराडार24’ और ‘फ्लाइटअवेयर’ के आंकड़ों के मुताबिक इस गड़बड़ी ने ब्रिटेन के लगभग सभी बड़े हवाई अड्डों को प्रभावित किया. ब्रिटेन के सबसे बड़े और यूरोप के सबसे व्यस्त हीथ्रो एयरपोर्ट पर लगभग 100 उड़ानें रद्द कर दी गईं, जबकि 367 से ज्यादा फ्लाइट्स लेट हुईं. वहीं गैटविक एयरपोर्ट पर भी स्थिति काफी खराब रही, जहां कुल उड़ानों में से लगभग 31 फीसदी यानी 4005 से ज्यादा फ्लाइट्स अपने तय समय से देरी से चलीं. एयरपोर्ट टर्मिनलों पर यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और लोग अपनी उड़ानों की जानकारी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए.
जानिए,कौन-कौन सी एयरलाइंस सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं?
इस तकनीकी खराबी की वजह से दुनिया की कई बड़ी एयरलाइंस का काम ठप हो गया. ब्रिटिश एयरवेज, ईजीजेट, केएलएम और लुफ्थांसा जैसी नामी कंपनियों की दर्जनों फ्लाइट्स पर इसका सीधा असर पड़ा. यूरोप की मशहूर बजट एयरलाइन ईजीजेट ने तो साफ कह दिया कि उसकी कई उड़ानें टेक-ऑफ ही नहीं कर पा रही थीं. कंपनी के मुताबिक, ब्रिटेन के एटीसी सिस्टम की इस गड़बड़ी का असर सिर्फ वहीं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे यूरोप में फ्लाइट्स लेट होने लगीं.
एनएटीएस ने दी सफाई और मांगी माफी
इस मामले के बाद NATS ने तुरंत एक बयान जारी किया. एजेंसी ने कहा, ‘हम उस तकनीकी खराबी की जांच कर रहे हैं, जिसकी वजह से फ्लाइट्स रुकी हुई हैं. हमारे इंजीनियर मौके पर मौजूद हैं और इस प्रॉब्लम को जल्द से जल्द सुलझाने में लगे हैं’.
एजेंसी ने आगे कहा, ‘यात्रियों को जो भी परेशानी हुई है, उसके लिए हम दिल से माफी मांगते हैं. हमारी गुजारिश है कि सभी यात्री अपनी एयरलाइन से बात करके अपनी फ्लाइट का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक कर लें’. बाद में जब खराबी ठीक हो गई, तो NATS ने बताया कि वे एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स के साथ मिलकर उड़ानों को फिर से नॉर्मल करने और पटरी पर लाने में जुटे हैं.
जब परेशान यात्रियों ने पूछताछ की, तो पता चला कि एक-दो नहीं, बल्कि 350 से ज्यादा उड़ानें अचानक रद्द कर दी गई हैं. हजारों पैसेंजर्स घंटों तक एयरपोर्ट पर फंसे रहे, लेकिन कब तक फ्लाइट्स शुरू होंगी, इसका जवाब किसी के पास नहीं था. दरअसल, ये पूरा बवाल एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में आई एक अचानक तकनीकी खराबी के कारण हुआ, जिसने देखते ही देखते पूरे देश के हवाई अड्डों को ठप कर दिया. ये सारा कांड ब्रिटेन में हुआ है.
350 से ज्यादा उड़ानें रद्द, इंजीनियर्स ने संभाला मोर्चा
- ब्रिटेन के एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम में अचानक आई एक बड़ी तकनीकी खराबी की वजह से पूरे देश के हवाई अड्डों पर भारी अफरा-तफरी मच गई. इस खराबी के कारण मंगलवार को ब्रिटेन में 350 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं और सैकड़ों फ्लाइट्स कई घंटों की देरी से चलीं. दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार लंदन के हीथ्रो और गैटविक एयरपोर्ट पर हजारों यात्री घंटों फंसे रहे. ब्रिटेन की नेशनल एयर ट्रैफिक सर्विसेज (NATS) ने तुरंत अपने इंजीनियरों को काम पर लगाया और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद सिस्टम को ठीक किया. हालांकि सिस्टम बहाल होने के बाद भी उड़ानों का शेड्यूल सुधरने में काफी समय लगा और पूरे यूरोप के एयर नेटवर्क पर इसका असर पड़ा

