रांची: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जुटे छात्र अब सरकार के साथ सीधे बातचीत की तैयारी में हैं। इसी कड़ी में छात्रों ने वार्ता के लिए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची प्रशासन को सौंप दी है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत कब और किन लोगों के साथ होगी?
छात्रों की ओर से तैयार प्रतिनिधिमंडल में 8 छात्र, एक कानून विशेषज्ञ और 2 मीडिया प्रतिनिधि शामिल हैं। छात्र प्रतिनिधियों में पीयूष कुमार सिंह, रवींद्र पासवान, राजेश प्रसाद, नीतू कुजूर, कार्तिक सोरेन, रवींद्र कुमार रवि, अंकित कुमार और शालू सिंह के नाम शामिल हैं। वहीं, शंभूनाथ चौधरी और विकास वर्मा को मीडिया प्रतिनिधि के तौर पर रखा गया है। पूर्व महाधिवक्ता अजीत कुमार भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल हैं।
प्रशासन ने क्यों कहा- सिर्फ छात्रों से होगी बातचीत?
वार्ता को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच तस्वीर अभी पूरी तरह साफ नहीं है। जिला प्रशासन का कहना है कि बातचीत सिर्फ छात्र प्रतिनिधियों से की जाएगी। प्रशासन की ओर से पहले पांच छात्रों के नाम मांगे जाने की बात सामने आई थी। वहीं, छात्रों का दावा है कि उन्होंने 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सूची पहले ही प्रशासन को सौंप दी है।
इधर, आंदोलन स्थल पर पहुंचे रांची सदर एसडीओ और एडीएम लॉ एंड ऑर्डर ने छात्रों से बातचीत की। अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल वार्ता को लेकर कोई अंतिम चर्चा नहीं हुई है और प्रतिनिधिमंडल की अंतिम सूची मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी।
छात्रों की मांगें क्या हैं?
छात्रों की प्रमुख मांगों में कथित गड़बड़ी से जुड़ी परीक्षाओं की जांच और जरूरत पड़ने पर उन्हें रद्द करना शामिल है। छात्र पूरे मामले की CBI और ED से जांच, दोषियों पर कार्रवाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कड़े कानून की मांग कर रहे हैं।
वहीं, राज्य सरकार का कहना है कि मामले में शिकायत मिलने के बाद जांच और कार्रवाई शुरू की गई है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि योग्य अभ्यर्थियों के हितों को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा।
आंदोलन के बीच राहुल गांधी ने की छात्रों से बात
इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी आंदोलनरत छात्रों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने छात्रों की मांगों के बारे में जानकारी ली और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार छात्रों के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए कब बुलाती है। क्या बातचीत से आंदोलन का रास्ता निकलेगा या छात्रों का प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा? फिलहाल, JPSC-JSSC विवाद में वार्ता ही अगला बड़ा पड़ाव नजर आ रहा है।


