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14 अगस्त को क्यों याद किया जाता है बंटवारे का दर्द?

@karishma

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Aug 14, 2026 · 5:07 PM
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14 अगस्त को क्यों याद किया जाता है बंटवारे का दर्द?
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भारत में हर साल 14 अगस्त को Partition Horrors Remembrance Day यानी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह दिन 1947 में हुए भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों, विस्थापित परिवारों और उस दौर की भयावह घटनाओं को याद करने के लिए समर्पित है। आजादी की खुशी से ठीक एक दिन पहले मनाया जाने वाला यह दिवस इतिहास के उस अध्याय की याद दिलाता है, जिसमें लाखों लोगों ने अपने घर, जमीन और अपनों को खो दिया था।

भारत सरकार ने साल 2021 में 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। इसका मकसद विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि देना और आने वाली पीढ़ियों को उस समय की घटनाओं से परिचित कराना है। साथ ही यह दिन समाज में एकता, भाईचारे और सद्भाव का संदेश भी देता है।

1947 में ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने के साथ ही भारत का विभाजन हुआ और भारत तथा पाकिस्तान दो अलग देश बने। इस बंटवारे का सबसे बड़ा असर आम लोगों पर पड़ा। बड़ी संख्या में हिंदू, मुस्लिम और सिख परिवारों को अपने पुश्तैनी घर छोड़कर दूसरी जगह जाना पड़ा।

ऐतिहासिक अनुमानों के अनुसार, करीब 1.5 करोड़ लोग विस्थापित हुए थे। लोगों ने पैदल, ट्रेनों और दूसरे साधनों से लंबी दूरी तय की। कई जगहों पर हिंसा भड़क गई और बड़ी संख्या में लोगों की जान चली गई। परिवार बिछड़ गए और हजारों लोगों को अपना सब कुछ छोड़कर नई जगह पर जिंदगी शुरू करनी पड़ी।

विभाजन के दौरान पंजाब में बड़े पैमाने पर हिंसा और विस्थापन हुआ। बंगाल समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिला। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा तय करने के लिए बनाई गई रेडक्लिफ लाइन की घोषणा 17 अगस्त 1947 को हुई थी। यानी दोनों देशों की आजादी के दो दिन बाद लोगों को सीमा की स्पष्ट जानकारी मिली।

विभाजन की त्रासदी को केवल मौत और विस्थापन के आंकड़ों से नहीं समझा जा सकता। लाखों परिवारों ने अपनी संपत्ति, कारोबार और पुश्तैनी घर खो दिए। कई परिवार हमेशा के लिए बिछड़ गए। महिलाओं और बच्चों को भी बेहद मुश्किल हालात का सामना करना पड़ा।

आजादी के बाद सरकारों के सामने विस्थापित लोगों को बसाने और उन्हें भोजन, रोजगार व रहने की सुविधा देने की बड़ी चुनौती थी। इसके बावजूद लोगों ने हिम्मत दिखाई और अपनी जिंदगी को दोबारा खड़ा किया।

Partition Horrors Remembrance Day हमें याद दिलाता है कि नफरत और हिंसा का खामियाजा सबसे ज्यादा आम लोगों को भुगतना पड़ता है। इसलिए यह दिन सिर्फ अतीत के दर्द को याद करने का नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए एकता, शांति और भाईचारे का संदेश देने का भी अवसर है।

 

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