PostNxt - Breaking News
Advertisement
Premium Placement

Grow Your Brand with PostNxt Media

Advertise Here

कर्नाटक के DGP रामचंद्र राव अश्लील वीडियो मामले में निलंबित

postnext

postnext

Jan 20, 2026 · 9:58 AM
Share:
कर्नाटक के DGP रामचंद्र राव अश्लील वीडियो मामले में निलंबित
Promoted Story

Reach 5 Million Readers Monthly Across Our Networks

Place your business advertisement on India's fastest-growing news portal.

Get Media Kit

न्यूज डेस्क : यह खबर बड़ी और महत्वपूर्ण है। अश्लील वीडियो मामले में बेंगलुरु में पदस्थापित DGP रैंक के अफसर डॉ रामचंद्र राव को सरकार ने निलंबित कर दिया है। यह वीडियो वायरल हुआ तो सिद्धारमैया सरकार ने इसकी जांच के आदेश दिए।

जानिए इस सनसनीखेज ख़बर को विस्तार से

दक्षिण भारत के राज्य कर्नाटक में उस समय हड़कंप मच गया, जब बेंगलुरु में तैनात DGP रैंक के IPS अधिकारी डॉ. रामचंद्र राव का एक कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में अधिकारी अपनी सरकारी वर्दी में, ड्यूटी के समय एक सरकारी कार्यालय के अंदर एक महिला के साथ अनुचित व्यवहार करते हुए दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार यह फुटेज छिपे हुए तरीके से रिकॉर्ड किया गया है।इस फुटेज में अधिकारी महिला को गले लगाते और चूमते नजर आते हैं। यह बताया जा रहा है कि ये धंधा काफी पहले से चल रहा था।

यह मामला सार्वजनिक होते ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने तुरंत संबंधित विभाग से पूरी जानकारी ली। वीडियो देखने के बाद मुख्यमंत्री की नाराजगी साफ बताई जा रही है। फिलहाल डॉ. रामचंद्र राव सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट निदेशालय में महानिदेशक के पद पर कार्यरत हैं। डीजीपी डॉ रामचंद्र राव अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे विरोधियों की साज़िश बताया।

डीजीपी डॉ रामचंद्र राव ने इस मुद्दे पर मीडिया से बातचीत में दावा किया कि वायरल वीडियो पूरी तरह से फर्जी और मॉर्फ्ड है। उनका कहना है कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश का हिस्सा है और कुछ लोग जानबूझकर उन्हें निशाना बना रहे हैं। सरकार ने अब वीडियो की सच्चाई और आरोपों की गंभीरता की जांच शुरू कर दी है।

इस पूरे मामले ने पुलिस विभाग के अनुशासन और नैतिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में दिखने वाली महिलाएं अलग-अलग समय पर अधिकारी के कार्यालय पहुंची थीं। हालांकि किसी तरह की जबरदस्ती का आरोप सामने नहीं आया है, लेकिन ड्यूटी के दौरान सरकारी चैंबर में ऐसा व्यवहार एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की गरिमा के खिलाफ माना जा रहा है।

इधर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया इस प्रकरण को लेकर बेहद सख्त रुख में बताए जा रहे हैं। प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो अधिकारी के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक या कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसके अलावा, डॉ. रामचंद्र राव का नाम गोल्ड स्मगलिंग मामले की मुख्य आरोपी रान्या राव के पिता के रूप में भी सामने आने से यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।

राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां वीडियो की प्रामाणिकता की जांच में जुटी हैं। इस घटना को लेकर सार्वजनिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि इससे पुलिस बल की छवि और विश्वसनीयता पर गहरा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

#Karnatakadgp #Viralvideo #Ashlilvideoanddgp #police

Found this article helpful? Share it:

Share: