*झारखंड में किसानों के लिए खाद्य प्रसंस्करण स्टार्टअप को मिल रहा प्रोत्साहन : दीपक प्रकाश*
न्यूज डेस्क: यह महत्वपूर्ण समाचार है।झारखंड से राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश द्वारा संसद में उठाए गए महत्वपूर्ण प्रश्न पर केंद्र सरकार ने बताया है कि किसानों की आय बढ़ाने और कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन को सुनिश्चित करने के लिए खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्टार्टअप एवं उद्यमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
राज्यसभा में पूछे गए अतारांकित प्रश्न के उत्तर में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने जानकारी दी कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय विभिन्न केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से झारखंड सहित पूरे देश में खाद्य प्रसंस्करण अवसंरचना के विकास और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए कार्य कर रहा है।
सरकार द्वारा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY), उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना (PLISFPI) तथा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इन योजनाओं के तहत पात्र स्टार्टअप और उद्यमों को सब्सिडी एवं प्रोत्साहन प्रदान किया जाता है जिससे किसानों की आय में वृद्धि और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हो रहे हैं।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय द्वारा स्टार्टअप को प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन, गुणवत्ता परीक्षण, अनुसंधान एवं विकास सहायता तथा इन्क्यूबेशन सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) के माध्यम से स्टार्टअप को विशेष सहायता प्रदान की जाती है।
सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर 2025 तक झारखंड में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत 94.82 करोड़ रुपये की सब्सिडी से 4665 सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को लाभ मिला है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना के तहत राज्य में 0.5 करोड़ रुपये की सब्सिडी वाली एक परियोजना तथा उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत दो स्थानों पर 11.76 करोड़ रुपये के प्रतिबद्ध निवेश वाली खाद्य प्रसंस्करण परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है।
राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार की इन योजनाओं से झारखंड में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को नई गति मिलेगी, किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा और राज्य में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।उन्होंने कहा कि झारखंड में कृषि आधारित उद्योगों और स्टार्टअप को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है, ताकि किसानों की आय बढ़े और स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन के माध्यम से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके।
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