न्यूज डेस्क : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार का सालाना बजट विधानसभा में पेश किया गया है। वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने 158560 करोड़ का बजट पेश किया।इस बजट को सत्ता पक्ष ने संतुलित और प्रगतशील बताया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट को अच्छा बताया। उन्होंने कहा कि बजट में सभी वर्ग का ख्याल रखा गया है। परंतु भाजपा को इसमें कुछ ख़ास नहीं लगा है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू ने इसे फालतू बजट बताया। वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने कहा कि यह बजट दिशाहीन और विकास विरोधी है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर राज्य सरकार द्वारा 2026.27 के लिए प्रस्तुत बजट को दिशाहीन तथ्यहीन बजट बताया।
आदित्य साहू ने कहा कि यह बजट रंगहीन है और खुशबू विहीन भी। उन्होंने कहा कि 1.58लाख करोड़ का बजट प्रस्ताव केवल गोल मटोल आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण है। इसमें राज्य के विकास का कोई विजन नहीं दिखाई पड़ता है।ऐसा लग रहा था जैसे वित्तमंत्री जी आधे मन से भाषण पढ़ रहे थे। एकबार भी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मेज थप थपा कर प्रोत्साहित नहीं किया।वित्तमंत्री आदर्श बजट बता रहे थे। राज्य के सभी वर्गों युवा ,किसान,महिला,उद्यमी से सलाह लेकर बनाया गया बजट बता रहे थे लेकिन वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने स्वयं कुछ दिनों पूर्व बयान दिया था कि बजट के विषय में मुझे कोई जानकारी नहीं,मुझसे पदाधिकारी कुछ पूछ नहीं रहे।*
उन्होंने कहा कि समझ में नहीं आता कि राज्य सरकार किस दिशा में और कैसे चल रही है जिसमें राज्य के वित्त मंत्री ऐसे दुर्भाग्यपूर्ण बयान देते हैं।
*वित्त मंत्री जी हंसना और गाल फुलाना एक साथ करना चाह रहे हैं।* एक तरफ किसी के पैर पर झुकने से अच्छा अपने पैरों पर खड़ा होने की बात भी करते है दूसरी ओर केंद्र सरकार को पानी पी पी कर गाली देते हैं।
उन्होंने कहा कि 1लाख 36 हजार करोड़ के बकाए की बात खूब कर रहे लेकिन बार बार पूछने के बाद भी आज तक राज्य की हेमंत सरकार नहीं बता पाई कि कब कब का किस मद में बकाया है। यह सरकार केवल इसे मुद्दा बनाकर अपनी नाकामियों को छुपाने का प्रयास करती है। उन्होंने कि इस बजट को *बाल बजट बता रही सरकार लेकिन राज्य के हजारों लापता बच्चों की कोई चर्चा बजट में नहीं की गई।
*इसी राज्य में थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी खून चढ़ाया गया।ऐसे प्रभावित बच्चों के विषय में कोई घोषणा नहीं की गई।*
*जेंडर बजट की बात कर रहे लेकिन रोज रोज हो रहे बलात्कार ,हत्या की रोक केलिए कोई विशेष प्रावधान कि बात नहीं की गई।*
कहा कि राज्य सरकार ने पैसों की कोई कमी नहीं होने की बात की *लेकिन 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने में यह सरकार पूरी तरह विफल रही। 2450 रूपये भी किसानों तक नहीं मिले।इसे भी बिचौलिए खा गए।*
*अपनी घोषणा के अनुरूप 400 रुपए में गैस सिलेंडर देने की बात पर कोई प्रस्ताव नहीं है बजट में।*
*आत्मा को मार कर बनाई गई पेसा नियमावली पर सरकार पीठ थपथपा रही जिसको खुद आदिवासी समाज ही स्वीकार नहीं कर रहा।*
*पैसों को कोई कमी नहीं है तो फिर राज्य के बच्चों की। छात्रवृत्ति क्यों बकाया है। विधवा पेंशन,वृद्धा पेंशन क्यों बकाया है। मईयाँ सम्मान में सभी महिलाओं को दिए जाने की घोषणा को क्यों अमल में लाने की बात नहीं की गई।*
कहा कि इस सरकार ने अपने आय के अतिरिक्त स्रोत में सीएसआर फंड की चर्चा की है। जो औद्यौगिक विकास से ही संभव है।
राज्य में डी एम एफ टी फंड जो मोदी सरकार की देन है लेकिन जिस प्रकार से पदाधिकारियों की सुख सुविधा में इसका दुरूपयोग हुआ है वह जग जाहिर है। इसका बड़ा घोटाला राज्य में हुआ है। इसके जांच की कोई चर्चा नहीं हुई।
कहा कि ऐसा लगता है जैसे खाता न बही जो झामुमो कांग्रेस कहे वही सही।
कहा कि राज्य के वित्त मंत्री ने विभागों को पत्र लिखकर 10हजार करोड़ के हिसाब नहीं मिलने, घोटाला की बात की है लेकिन बजट में इसकी कोई चर्चा नहीं की।
उन्होंने पिछले बजट खर्च का ब्यौरा देते हुए कहा कि अबतक 50% राशि ही राज्य सरकार खर्च कर पाई है। आखिर नए बजट प्रावधान का क्या मतलब।
कहा कि कृषि में अबतक 29.80%,भवन निर्माण में 36.07% स्वास्थ्य में 61.34% पेयजल में 5.81%,खाद्य सुरक्षा में 33.55% ,उच्च और तकनीक शिक्षा में 37.73%,उद्योग में 39.41% राशि ही खर्च हुई।
कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि आदिवासी,दलित,पिछड़े समाज केलिए निर्धारित बजट मात्र 28%ही खर्च हुई है।ये कैसे आदिवासी समाज के मुख्यमंत्री हैं।
श्री साहू ने कहा कि केंद्र सरकार ने लगातार अपेक्षा से अधिक सहायता झारखंड को की है। 2026 ..27 में राज्य को 51,236 करोड़ रुपए टैक्स के मिलेंगे।केंद्रीय सहायता 25..26 में 3.14 लाख करोड़ तथा 1.04 लाख करोड़ मिली।
कहा कि मोदी सरकार ने झारखंड को 2.02 करोड़ लोगों के जनधन खाते खोले, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना में 88.4 लाख, पीएम सुरक्षा बीमा योजना में 1.6 करोड़ जोड़े गए।मुद्रा योजना में 89 हजार करोड़ रुपए वितरित हुए,अटल पेंशन योजना 25.6 लाख लोग जुड़े हैं, किसान सम्मान निधि में 18.8 लाख किसान लाभान्वित हो रहे।गरीब कल्याण अन्न योजना से 2 करोड़ 64 लाख लोग लाभान्वित हो रहे।
इसके अतिरिक्त हाईवे,रेलवे,हवाई सुविधा,एयरपोर्ट,एम्स ,आईआईटी ,पर्यटन , आदिवासी कल्याण की योजनाएं झारखंड की धरती पर उतरी है।
*निकाय चुनाव मतगणना बीच में रोके नहीं राज्य सरकार*
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सांसद आदित्य साहू ने कहा कि मतदान में पराजित यह सरकार मतगणना में लूट का प्रयास की योजना बना रही।रात 8 बजे मतगणना रोक कर दूसरे दिन पूरा करने के पीछे मंशा ठीक नहीं।
उन्होंने कहा कि ऐसे भी सीसीटीवी कैमरा केवल दिखावा है, कोई काम नहीं कर रहा ऐसी सूचना मिल रही।
झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता, महामंत्री और राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने कहा कि यह बजट विज़न नहीं रखता है। विकास का कोई रोड मैप नहीं रखता है। राज्य सरकार की कोई प्राथमिकता नज़र नहीं आती है।यह बजट का कोई लाभ आम जनता को नहीं मिलने वाला है। बजट में स्पष्ट नीति नहीं है। झारखंड सरकार को एक काम ही आता है। केंद्र सरकार पर अनर्गल आरोप लगाना आदत हो गई है। मोटे तौर पर यह बजट लोगों को बेवकूफ बनाने वाला है।
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