रांची: झारखंड विधानसभा में भाजपा की हार के दो कारण रहे हैं. एक तो पार्टी चुनाव के दौरान आंतरिक कलह की शिकार हो गई. दूसरे कारण सत्ता पक्ष की कुशल रणनीति रही है. भाजपा दोनों ही फ्रंट पर मार खा गई अभी यह सवाल आप के जहां में उठ सकता है कि तीन महीने बाद यह कौन सा विषय उठाया है. झार में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा 2019 की तुलना में करारी हार का सामना की. झारखंड में तो भाजपा इस प्रकार से चुनाव लड़ी जैसे वह हारने के लिए चुनाव लड़ रही हो. अपने लोगों ने परस्पर विद्वेष के कारण दूसरे को हराने में लग गए.
यानी दूसरे को हराना नहीं था बल्कि अपने को हराना था.संगठन के स्तर पर अनावश्यक लोगों की घुसपैठ ने पार्टी के कार्यकर्ताओं को निराश ही नहीं किया बल्कि डिप्रेशन में डाल दिया. कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हो गई. दिखावे के लिए रायशुमारी हो गई. होना वही था जो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और बाबूलाल मरांडी चाहते थे. वैसे बाबूलाल मरांडी को मुख्यमंत्री की कुर्सी नज़र आ रही थी. वे दूसरे के गलत कार्य को भी नजरंदाज करते चले गए.रिजल्ट सामने है. जिन सीटों पर भाजपा प्रत्याशी का अपना दबदबा था वह सीट निकल गई यानी पार्टी जीत गई. वैसे लोगों को चापलूसी में टिकट दे दिया गया जिनके खिलाफ एंटी इंकमबेंसी थी.
इसके बाद झारखंड में गुटबाजी और संगठन से जुड़े प्रमुख लोगों की जुबां यह देख कर भी बंद रही पार्टी के आलंबदार थे. कई संदेश गलत जाने लगे.लोग भी भाजपा की बातों से अधिक सत्ता पक्ष की के आश्वासन पर विश्वास करने लगे. भाजपा की शिथिलता और कुछ ग़लत संदेश ने भाजपा के वोटर को दुविधा में डाल दिया. हेमंत सरकार की कुशल रणनीति ने लोगों खासकर महिलाओं को ज्यादा प्रभावित किया. नगद वाली योजना ने असर ने बड़ा असल दिखाया.
खैर भाजपा का अपना तर्क है कि उसे 58 लाख वोट मिले. लेकिन पार्टी अपनी खामियों को देख रही है.इतनी करारी हार के लिए नीति नियंता भी जिम्मेदार हैं. विधानसभा चुनाव का रिजल्ट आने के बाद पार्टी ने हार की समीक्षा की. अब केंद्रीय इकाई दिल्ली चुनाव के बाद संगठन पर्व में लग गई. अभी झारखंड में बूथ और मंडल की कमिटियों का चुनावी प्रक्रिया के तहत गठन हो रहा है.लेकिन संकेत है कि झारखंड में हुए विधानसभा चुनाव में हार के जिम्मेदार लोगों को दंडित किया जाए. झारखंड भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष रबींद्र राय ने कहा कि जो लोग समझ रहे हैं कि वे बच जाएंगे, ऐसा नहीं है. पार्टी ने चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने पोस्ट नेक्स्ट से खास बातचीत में कहा कि भाजपा में दंड देने की अपनी प्रक्रिया है.
रबींद्र राय ने आगे कहा कि जिन्होंने पार्टी विरोधी काम किया है उनके बारे में सब जानकारी पार्टी की केंद्रीय इकाई को है.उसे छोड़ा नहीं जाएगा.














