न्यूज डेस्क : झारखंड की हेमंत सरकार ने चम्पाई सोरेन को भोगनाडीह में कार्यक्रम में शामिल होने से रोकने का भरपूर प्रयास किया है। ऐसी ऐसी शर्तें लगाई हैं कि वहां कार्यक्रम नहीं हो पाए। संथाल परगना स्थापना दिवस पर एक समारोह का आयोजन साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में 22 दिसम्बर को रखा गया था।
भाजपा नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे। भोगनाडीह में इस कार्यक्रम को लेकर साहिबगंज जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम इस तरह किए कि चम्पाई सोरेन वहां नहीं जाएं। इस कार्यक्रम में फुटबाल मैच होना था। चम्पाई सोरेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए कहा है कि पिछले हूल दिवस (30 जून) को तो सरकारी कार्यक्रम था। तो व्यवधान डाला गया।
अब यहां क्या हुआ जो एक दर्जन मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा है कि भोगनाडीह में सिदो काहू हूल फाउंडेशन के द्वारा संथाल परगना स्थापना दिवस पर कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसमें फुटबाल होना था। लेकिन सरकार डर गई है। इसलिए ऐसा काम हो रहा है। चम्पाई सोरेन को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि वे झारखंड के और राज्य से बाहर विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेने जाते हैं। फिर संथाल परगना जाने से क्यों रोका जाता है।
पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने हेमंत सरकार को चुनौती देते हुए कहा है कि 2026 में हूल दिवस 30 जून को बड़ी संख्या में संथाली समाज के लोग भोगनाडीह रथ से आएंगे। सरकार में ताकत हो तो रोक कर दिखाए।













