रांची: झारखंड में नए डीजीपी की नियुक्ति पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार की आलोचना की है। रिटायरमेंट से एक दिन पहले तदाशा मिश्रा को राज्य सरकार ने अपनी नियुक्ति नियमावली के आधार पर पूर्णकालिक DGP नियुक्त कर दिया।

बाबूलाल मरांडी ने तंज कसते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उनके निर्णय के लिए बधाई दी और कहा कि
बधाई इस बात के लिए कि आपने बता दिया है कि नियम, क़ानून, संविधान, न्यायालय आपके लिए कोई मायने नहीं रखता।बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इतिहास में जंगल राज चलाने वालों में अपना नाम सबसे ऊपर लिखाने के लिए मुख्यमंत्री चाहें तो सुप्रियो भट्टाचार्य को भी डीजीपी बना सकते हैं।कहा कि यह तो उन्होंने अपने निर्णय से साबित कर ही दिया है। लगे हाथ यह काम भी कर ही देना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि लेकिन इतना जरूर है कि क़ानून, संविधान, न्यायपालिका की परवाह भले ही मुख्यमंत्री नहीं करें लेकिन भगवान से जरूर डरें । ईश्वर के घर देर है अंधेर नहीं। वो सब देख रहा है। उसकी लाठी चलती है तो आवाज़ नहीं होती पर चोट बहुत लगता है। बाबूलाल मरांडी ने वर्षांत के दिन सांकेतिक प्रहार करते हुए नए वर्ष की शुभकामनाएं दी।कहा नए साल में नए संघर्ष की शुरूआत होगी।
तदाशा मिश्रा से पहले झारखंड सरकार ने अनुराग गुप्ता को भी प्रभारी DGP नियुक्त किया था। फिर राज्य सरकार ने एक नियमावली बनाकर एक चयन समिति बनाई। फिर अनुराग गुप्ता को पूर्णकालिक DGP बनाया। हाल ही में अनुराग गुप्ता ने कतिपय विवाद के सेवा से स्वैच्छिक अवकाश ले लिया।












