रांची: झारखंड की हेमंत सरकार का बजट आज सदन में पेश हुआ राजनीतिक क्षेत्र के लोग अपने हिसाब से इस पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं वहीं कुछ बुद्धिजीवी वर्ग या समाजसेवी बजट को अपने नजरिए से देख रहे हैं.
सिविल इंजीनियर और युवा समाजसेवी वेदांत कौस्ताव ने कहा है कि हेमंत सरकार का अबुआ बजट बाबा साहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की परिकल्पना को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगा. राज्य सरकार ने बजट में सबसे ज्यादा महिला, बाल कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में 22 हजार 33 करोड़, 33 लाख रुपये का प्रावधान किया है.बाबा साहब महिलाओं के प्रति समर्पित थे और महिला सशक्तिकरण को लेकर उनके विचार आज भी प्रासंगिक है. उनका मानना था कि किसी भी समाज की प्रगति महिलाओं की प्रगति से मापी जाती है. अबुआ सरकार का अबुआ बजट में भी महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा. मईंया सम्मान योजना के लिए सरकार ने 13363 करोड़ का प्रावधान कर सरकार ने अपना ठोस इरादा जाहिर कर दिया है.
इसके अलावा इस बजट में शिक्षा, चिकित्सा कृषि तथा आधारभूत सरंचना के निर्माण और विकास के लिए सरकार ने विषेश जोर दिया है.राज्य में विकास की दर लगातार बढ़ रही है तथा स्थापना और व्यय के अनुपात को 37:63 के अनुपात में लाने से भी विकास की गति तेज होगी.तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में विकास के लिए बजट में महत्वपूर्ण कदम उठाये गए हैं. व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो नए विश्वविद्यालय, कौशल विश्वविद्यालय और फिन-टेक विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है.














