News Desk : एक तरफ हम विकास के नये आयाम पाने का दावा करते हैं।वहीं हम नादान और लापरवाह भी होते जा रहे हैं। यहाँ तक कि नैतिक और गैर कानूनी काम करने से भी बाज नहीं आ रहे।हम बात करते हैं एक ऐसी घटना की जो आफत का उदाहरण भी है और भविष्य के संकट का बड़ा संकेत दे रही है।
आज सोशल मीडिया का साइड इफेक्ट कई तरह से समाज के सामने आ रहा है। बावजूद इसके समाधान के लिए सिर्फ बहस होती है। प्रवचन होते हैं।इससे ज्यादा कुछ नहीं।एक गंभीर मामला तमिलनाडु के तिरुपत्तूर से आया है जहां सोशल मीडिया के माध्यम से प्रेम संबंध बने और सैकड़ों बाल विवाह हुए। प्रेम संबंध की वजह से शारीरिक संबंध बने और नाबालिग लड़कियां गर्भवती हुईं। वह भी बड़ी संख्या में।
*बड़ी संख्या में नाबालिग लड़की के गर्भवती होने का मामला*
जइसजब यह मामला सामने आया तो सरकार की नींद उड़ गयी। मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले के आंसू, वाणियामबड़ी, नाट्रमपल्ली और तिरूपत्तूर तालुका में पिछले साल सैकड़ों बाल विवाह हुए हैं।पुलिस जांच में यह पता चला है कि इनमें अधिकांश शादियां प्रेम विवाह के कारण हुई हैं।विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम,व्हाट्सएप, फेसबुक के माध्यम से नाबालिग लड़कियां प्रेम जाल में फंसी और बाल विवाह हुए।इसका एक बड़ा परिणाम यह आया कि नाबालिग लड़कियां बड़ी संख्या में प्रेग्नेंट हो रही हैं। प्रशासन के द्वारा इसकी जांच की जा रही है।ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस ने ऐसे नाबालिग लड़कियों के प्रेम विवाह के आधार पर 300 से अधिक लड़कों पर एफआईआर दर्ज किया है।
बाल विवाह की वजह से बहुत सारी लड़कियों ने गर्भपात भी करवाया। सैकड़ों बाल विवाह के मामले में पुलिस अब रेस हो गई हैं। माता-पिता के अलावा जिस युवक से नाबालिग की शादी हुई है उनके खिलाफ मामला थाने में दर्ज किया जा रहा है। तीन सौ से अधिक एफआईआर हुए हैं।सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव और इसकी जद में पढ़ रहे किशोर युवक युक्त में जागरूकता की कमी से संकट बढ़ रहा है।
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