न्यूज डेस्क: कांग्रेस ने बजट की आलोचना की है।झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत आम बजट (2026–27) को जनविरोधी, दिशाहीन और गरीब-किसान-मजदूर विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट देश की आम जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में पूरी तरह असफल रहा है। परिणामस्वरूप इसे बाज़ार ने भी ख़ारिज कर दिया और सेंसेक्स में 1547 अंकों की गिरावट दर्ज हुई।
राजेश ठाकुर ने आगे कहा कि लगातार बढ़ती महँगाई, बेरोज़गारी और गिरती आय से जूझ रही जनता को इस बजट से बड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने एक बार फिर बड़े उद्योगपतियों और पूँजीपतियों को प्राथमिकता दी है। किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, युवाओं के लिए ठोस रोज़गार योजना और महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर बजट मौन है।आम जनता का हित उपेक्षित है।
उन्होंने कहा कि मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के बजट में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं की गई है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं बल्कि कॉरपोरेट हित हैं। मनरेगा में अपेक्षित आवंटन नहीं देकर पूरी तरह मनरेगा को ख़त्म करने की योजना है, इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमज़ोर होगी।
झारखंड जैसे आदिवासी और खनिज संपदा से संपन्न राज्य के लिए बजट में किसी विशेष पैकेज या ठोस विकास योजना का अभाव निराशाजनक है। यह बजट क्षेत्रीय असमानता को और गहरा करेगा, संघीय ढाँचे को कमजोर करेगा। झारखंड को खनिज कॉरिडोर से भी दूर रखा गया।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने कहा यह बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ नहीं बल्कि कुछ लोगों का मुनाफ़ा, बाकी देश की उपेक्षा का दस्तावेज़ है। ग़ैर भाजपा शासित राज्यों से सौतेला व्यवहार स्पष्ट दिख रहा है। चुनावी राज्यों पर ज़्यादा फ़ोकस दिया गया है। यह पूरी तरह असंतुलित बजट है।
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