रांची: झारखंड के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान सरला बिरला विश्वविद्यालय में आज नेशनल फाइनेंस कॉन्क्लेव 2.0 का आयोजन वाणिज्य संकाय द्वारा व्यवसाय प्रबंधन संकाय के सहयोग एवं सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (एसटीपीआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई), रांची शाखा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि माननीय राज्यसभा सांसद डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र, विशेषकर वित्त में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला और इस विषय को विद्यार्थियों के समक्ष नवाचार के रूप में प्रस्तुत करने की सराहना की। उन्होंने भारतीय संस्कृति में एआई के एकीकरण का उल्लेख करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे अकादमिक आयोजन नवाचार, शोध क्षमता तथा देश के उज्ज्वल भविष्य को सुदृढ़ करेंगे।

कॉनक्लेव में बोलते हुए विशिष्ट अतिथि आईसीएआई रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अभिषेक केडिया ने एआई को मानव बुद्धि को सशक्त करने वाला उपकरण बताया, जबकि सीए दीपक बंका ने बैंकिंग, कर-निर्धारण, लेखा परीक्षा एवं पूंजी बाज़ारों में एआई की भूमिका पर चर्चा की। आईआईआईटी रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने विनिर्माण, रक्षा, वित्त, साइबर सुरक्षा एवं मानव पूंजी विकास में एआई के महत्व पर प्रकाश डाला। कॉनक्लेव में अपने विचार व्यक्त करते हुए विवि के कुलपति प्रो. सी. जगनाथन ने जनशक्ति एवं संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन में वित्त की भूमिका पर बल देते हुए लंदन और रांची की जनसंख्या की तुलना के माध्यम से वित्तीय नियोजन की आवश्यकता को रेखांकित किया। महानिदेशक प्रो. गोपाल पाठक ने सभी क्षेत्रों में वित्त एवं आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डालते हुए एआई के नैतिक उपयोग और “एआई का धर्म” विषय पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में स्वागत भाषण डीन, वाणिज्य संकाय सह आईआईसी अध्यक्ष प्रो. संदीप कुमार ने दिया। स्वागत भाषण डॉ. गगनदीप चड्ढा और धन्यवाद भाषण कुलसचिव प्रो. एस.बी. डांडिन द्वारा दिया गया।
कॉन्क्लेव में तीन तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। तकनीकी सत्र-एक डॉ. गगनदीप चड्ढा की अध्यक्षता में डॉ. संजय सिंह (विभागाध्यक्ष, फाइनेंस, सीसीएल. रांची), सीएमए ए.डी. वाधवा (पूर्व मुख्य प्रबंधक, कोल इंडिया लिमिटेड) एवं एडवोकेट अनुपमा सिंह (झारखंड उच्च न्यायालय) ने विचार रखे। तकनीकी सत्र-दो एवं तीन में डॉ. अंजली श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सीएस मोनालिशा मोहता, सीए शुभम मोदी, डॉ. आरिफ हबीब, सीए मनीषा बियाणी एवं सीए सावित्री ने वित्त, विधि और बाज़ारों में एआई के अनुप्रयोगों पर चर्चा की।
समापन सत्र की अध्यक्षता श्री श्रेया भारती ने की। इसमें डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा, ल सांसद (राज्यसभा) एवं निदेशक, योजना एवं संगठनात्मक विकास, एसबीयू द्वारा आईआईसी पत्रिका का डिजिटल विमोचन किया गया। सत्र का सार डॉ. अतुल कर्ण, डीन, व्यवसाय प्रबंधन संकाय ने प्रस्तुत किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कुणाल सिन्हा, विभागाध्यक्ष, वाणिज्य संकाय द्वारा दिया गया।














