प्रयागराज: विश्व हिंदू परिषद ने यह तय किया है कि वह चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलाकर देशभर के विभिन्न राज्यों में सरकारी नियंत्रण वाले मंदिरों को मुक्त कराया जाएगा.यहां आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की बैठक में यह निर्णय हुआ कि मंदिरों को हिंदू समाज के लोगों को दिया जाए.सरकार का नियंत्रण नहीं रहेगा.इसके लिए अलग-अलग चरण में आंदोलन चलाए जाएंगे.विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि महाकुंभ की इस धरती पर यह बड़ा निर्णय हुआ है.इसमें मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त करना है.उन्होंने कहा कि मंदिरों का संचालन हिंदूवादी संगठन करेगा इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं रहेगा.
इस बैठक में देश-विदेश से लगभग 950 प्रतिनिधि शामिल हुए.देश में अलग-अलग राज्यों में सरकारी संस्थाओं यानी बोर्ड और निगम के द्वारा मंदिरों पर नियंत्रण रखा जाता है.झारखंड में भी हिंदू मंदिर न्यास परिषद है.विश्व हिंदू परिषद के लोग यह चाहते हैं कि हिंदुओं के मंदिर जहां अभी सरकारी नियंत्रण हैं,उन्हें मुक्त कराया जाएगा.इसके लिए जगह-जगह पर आंदोलन किए जाएंगे.शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से सरकार से आग्रह किया जाएगा कि मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्त रखा जाए.
इसके लिए विश्व हिंदू परिषद का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से भी मिलेगा.उत्तर भारत और दक्षिण भारत में बड़ी जनसभा भी की जाएगी अधिक से अधिक हिंदुओं का इस विचार के प्रति संकल्प पैदा करने के लिए जगह-जगह संगोष्ठी भी होगी.राजनीतिक दल के प्रतिनिधियों को भी इस मांग के पक्ष में समर्थन जुटाने का प्रयास होगा. झारखंड में भी कई हिंदू मंदिर सरकारी नियंत्रण में हैन. इसलिए यहां भी यह आंदोलन चलेगा.













