बेंगलुरु: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने एक बड़ा काम किया है.इसने इतिहास रच दिया है.इसरो ने SpaDex सेटेलाइट की डॉकिंग प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है.विश्व में भारत चौथा ऐसा देश बन गया है जो इस प्रक्रिया को पूरा कर पाया है.
इसके बारे में जानिए.SpaDex मिशन के तहत दो सैटेलाइट को अंतरिक्ष में आपस में मिलान करना है.दो डॉकिंग में दो अंतरिक्ष नो एक्सप्रेस क्राफ्ट को एक कक्षा में लाया जाता है फिर इन्हें धीरे-धीरे पास लाया जाता है.फिर इन्हें आपस में जोड़ दिया जाता है.यह क्षमता उस मिशन को पूरा करने के लिए आवश्यक है जिसमें भारी अंतरिक्ष यान की आवश्यकता होती है.
ऐसे अंतरिक्ष यान जिन्हें अकेले प्रक्षेपण यान से अंतरिक्ष में नहीं भेजा जा सकता है.उसमें यह प्रक्रिया सहायक साबित होती है.भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन की स्थापना के लिए डॉकिंग की जरूरत होगी.इसरो ने 30 दिसंबर को दो छोटे-छोटे सैटेलाइट SDX01 चेंजर और SDX02 को लांच किया था.इन्हें लो अर्थ सर्कुलर अर्बिट में 20 किलोमीटर की दूरी पर रखा गया है इसके बाद धीरे-धीरे इन लोग दोनों को करीब लाया गया फिर आपस में जोड़ दिया गया.यह मिशन SpaDex के नाम से जाना जाता है क्योंकि दोनों अंतरिक्ष यान को आपस में जोड़ा गया है.













