*अटल जन्मशती दिवस: भारतीय राजनीति का ऐसा तारा जो भारतीय राजनीति में सदैव रहेगा चमकता*

रांची: भारतीय राजनीति के हमने कई रंग देखे हैं. आजादी के बाद से अब तक अनेक सरकार आईं और गईं लेकिन जो प्रयोग उस महामानव ने किया वह आज भी भारतीय राजनीति की हकीकत है और पहचान भी. हम बात कर रहे हैं उस कवि हृदय राजनेता की जिसने न सिर्फ भारत बल्कि दुनिया में ऐसे अनेक काम किया जिस कारण उन्हें याद किया जाता रहेगा.अटल बिहारी वाजपेई का यह जन्म शताब्दी वर्ष है. आज ही के दिन 1924 में एक शिक्षक के घर उनका जन्म ग्वालियर में हुआ था. बड़े ही संस्कारी परिवार में परवरिश की वजह से उनमें भी वह परिलक्षित होता था. भारतीय जन संघ के संस्थापक सदस्यों में से एक अटल बिहारी वाजपेई ने अपने शासनकाल में भारत को एक मजबूत राष्ट्र और विकसित अर्थव्यवस्था का आकांक्षी राष्ट्र बनाने में बड़ा योगदान दिया.
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए की बुनियाद उन्होंने रखी और आज भी यह एनडीए है.गठबंधन की राजनीति और शासन व्यवस्था के हुए पहले सफल प्रयोगकर्ता के रूप में जाने जाते हैं.तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेई जैसे राजनेता विरले होते हैं उनके समय भी और आज भी विपक्ष उनका संस्मरण श्रद्धा से अटल जी या वाजपेई जी से संबोधित करते हुए कहता है.
भारत रत्न से सम्मानित अटल बिहारी वाजपेई का अंदाज ही बहुत अलग होता था. उनके संबोधन में भी कवि मन साफ दिखाई देता था. उनका कहना था कि राष्ट्र सबसे ऊपर है. सरकारें आती जाती रहेंगी लेकिन देश सबसे ऊपर होना चाहिए. भारतीय राजनीति के ऐसे महान शख्सियत को आज सभी लोग श्रद्धांजलि दे रहे हैं. भारतीय जनता पार्टी ने शताब्दी वर्ष पूरे 1 साल मनाने का निर्णय लिया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में कहा है कि अटल बिहारी वाजपेई उनके लिए हमेशा प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे. सबको साथ लेकर विकसित राष्ट्र की सोच के साथ उन्हीं के दिए मंत्र के अनुरूप वे देश की सेवा कर रहे हैं. भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी की नींव रखने वाले अटल बिहारी वाजपेई जैसा कोई दूसरा नहीं हो सकता राजनीति में सुचिता और संस्कार के हुए बड़े पक्षधर थे. झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने भी पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को जयंती के मौके पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए हैं. जयंती के मौके पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उन्हें याद किया है.

झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई को उनकी आदमकद प्रतिमा पर पुष्पा अर्पित कर श्रद्धांजलि दी है.
प्रदेश भाजपा के महामंत्री और राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा ने कहा है कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई भारतीय राजनीति के वह ध्रुव तारा है जो हमेशा आने वाली वीडियो को देश को परम वैभव की ओर ले जाने के लिए प्रेरित करेगा. आज हम सभी भारत को विश्व गुरु बनाने की दिशा में सम्यक प्रयास कर रहे हैं.आने वाली पीढ़ी इसे और आगे बढ़ाएगी. कवि हृदय,राजनीति की नई परिभाषा गढ़ने वाले अटल बिहारी वाजपेई हमेशा पार्टी के छोटे से बड़े कार्यकर्ता ही नहीं बल्कि देश के लोगों के हृदय में स्थान बनाए रखेंगे.
16 अगस्त 2018 को अटल बिहारी वाजपेई अगम पथ पर चले गए अब उनकी स्मृतियां शेष हैं. उनकी स्मृतियां एक धरोहर के रूप में हैं.हमारी ओर से शत् शत् नमन और श्रद्धांजलि. झारखंड आज उन्हीं की देन है. उन्होंने जनता से जो वादा किया उसे पूरा है.












