रांची- झारखंड में क्रांतिकारी योजना मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना लागू हुई.इस योजना ने हेमंत सरकार को फिर से सत्ता की कुर्सी सौंप दी.महिलाओं को आर्थिक मदद देने वाली यह योजना वाकई अच्छी मानी गई लेकिन अब इसके बारे में विस्तार से नियम और शर्तें आ गई है.
जिन लोगों ने पात्रता नहीं रहने के बावजूद मंईया सम्मान योजना का लाभ लिया है, उन्हें अब तैयार हो जाना चाहिए उन्हें जांच के लिए तैयार रहने की जरूरत है.अगर वे वाकई नियम शर्तों को पूरा नहीं करते हैं और उन्होंने इसका लाभ ले लिया है तो फिर अब आपको इस पैसे को लौटाना होगा.इस मामले को लेकर राजनीति भी शुरू हो गई है भारतीय जनता पार्टी ने कहा है कि सरकार अब लोगों को अपना चरित्र दिखाने लगी है.लोगों को ठगने का प्रयास हो रहा है.आरंभ में यह कहा गया था कि इस योजना का लाभ सभी महिलाओं को मिलेगा.18 से ऊपर और 50 साल तक की महिलाओं को बिना किसी भेदभाव के इस योजना का लाभ मिलेगा.योजना का लाभ महिलाओं ने उठाया भी और इसका तो राजनीतिक लाभ चुनाव में हेमंत सोरेन नेतृत्व वाले गठबंधन को मिला.जबरदस्त समर्थन मिला जनता ने भरपूर आशीर्वाद दिया.मंईया ने खूब फूलों फलो का आशीर्वाद इस सरकार को दिया.अब सरकार ने नियमावली तो नहीं लेकिन नियम शर्त को जारी किया है.रांची के डीसी के द्वारा पत्र जारी कर स्पष्ट कर दिया गया है कि इसके लिए वही लोग पात्र हैं जिनके पास राशन कार्ड है और वास्तव में वे गरीब हैं.भेड़ चाल में जो सक्षम लोगों ने इस योजना का लाभ ले लिया है उन्हें पैसे लौटाने पड़ सकते हैं.












