*दुमका लोकसभा सीट : परिवार की लड़ाई से बचा सोरेन परिवार, जानिए अंदर की बात*
रांची – दुमका लोकसभा सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने विधायक नलिन सोरेन को प्रत्याशी बनाया है. दूसरी तरफ भाजपा की ओर से सीता सोरेन चुनावी मैदान में हैं .76 वर्षीय नलिन सोरेन को सीता सोरेन चुनावी मैदानमें टक्कर देंगी.नलिन सोरेन झारखंड मुक्ति मोर्चा के पुराने नेता रहे हैं. शिबू सोरेन के परिवार से उनका नजदीकी संबंध रहा है. लिहाजा सीता सोरेन उन्हें चाचा कहती रही हैं.
गुरुवार को जब झारखंड मुक्ति मोर्चा ने दुमका और गिरिडीह लोकसभा सीट के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा की तो राजनीतिक हलचल तेज हो गई. जानकारी मिलते ही सीता सोरेन ने कहा कि चाचा यानी नलिन सोरेन के आशीर्वाद से वह दुमका में कमल खिलाएंगी. यानी सीता सूर्य ने यह मान लिया है कि वह दुमका लोकसभा सीट जीत रही हैं.
यह पहले से स्पष्ट था कि सोरेन परिवार का कोई सदस्य दुमका लोकसभा सीट से चुनाव नहीं लड़ेगा.वैसे पार्टी के कुछ नेताओं ने यह जरूर कहा था कि हेमंत सोरेन जेल में रहते हुए दुमका लोकसभा सीट का चुनाव लड़कर जीत सकते हैं. लेकिन गुरु जी के परिवार में यह मंत्रणा हुई कि भले उनके परिवार की बड़ी बहू सीता सोरेन भाजपा के पाले में चली गई हैं और चुनाव लड़ रही हैं तो आदर्श स्थिति बनाते हुए उसके खिलाफ सोरेन परिवार का कोई व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ेगा. वैसे सीता स्वयं ने या विश्वास व्यक्त किया है कि तुम का लोकसभा सीट पर उन्हें पहचान का कोई संकट नहीं है. उन्हें सभी लोग पहचानते हैं और अब जान गए हैं कि तीर के बजाय कमल पर बटन लगाना है. सुरेंद्र परिवार के सदस्यों में यह सहमति बनी कि परिवार का कोई सदस्य चुनाव नहीं लड़ेगा.
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि दुमका लोकसभा क्षेत्र में प्रत्याशी सीता सोरेन की जीत होगी भाजपा के आगे किसी प्रकार की चुनौती नहीं है प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा सदस्य प्रदीप वर्मा ने कहा कि झारखंड की हेमंत सरकार और अब चंपई सोरेन सरकार के कामकाज को जनता देख रही है किस प्रकार से हेमंत सोरेन ने संथाल परगना ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं को ठगा है. विकास में बाधा पहुंचाई है. महिलाओं के साथ उत्पीड़न रोकने में विफल रही है. खनिज संसाधनों की खुलेआम लूट मचाई है.जनता इन सब का जवाब लोकसभा चुनाव में जरूर देगी.











