*INDI एलायंस अंतर्विरोध का शिकार, कैसे दे पाएंगे मोदी को चुनौती- प्रदीप वर्मा*
रांची – भाजपा विरोधी राजनीतिक दलों के गठबंधन यानी इंडी एलायंस के घटक दल आपस में एकजुट होने का प्रयास कर रहे हैं. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर यह प्रयास तेज करने की कोशिश हो रही है लेकिन भाजपा को इसमें अंतर्विरोध नजर आ रहा है. झारखंड बीजेपी के वरिष्ठ नेता और महामंत्री प्रदीप वर्मा कहते हैं कि अलग-अलग राजनीतिक स्वार्थ और सोच वाले गठबंधन एक साथ कैसे हो सकते हैं. इस गठबंधन में ऐसे कई राजनीतिक दल हैं जो परस्पर विरोधी राजनीतिक सोच के हैं. उदाहरण के तौर पर पश्चिम बंगाल में टीएमसी और वाम दलों के बीच सीटों का तालमेल कैसे हो सकता है.
उनका कहना है कि ऐसे कई राज्य हैं जहां पर सीटों के तालमेल में इस एलायंस के स्वार्थ टकराएंगे यह सब कुछ जल्द नज़र आएगा. उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा का समझौता कैसे हो सकता है, यह देखना होगा.
भाजपा के प्रदेश महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि कांग्रेस कभी भी इन छोटे दलों को अपने हिस्से की रोटी लेने नहीं देंगे. कांग्रेस का चाल, चरित्र और चेहरा ऐसा रहा है कि वह अपने साथ एलाइंस के छोटे दलों को टुकड़ों पर जीने के लिए छोड़ते हैं. वैसे यह देखना होगा कि हाल में संपन्न पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में उनकी एकजुट कहां रह गई थी. लोकसभा चुनाव के मद्देनजर सीटों के तालमेल का फॉर्मूला फाइनल होते-होते पार्टी के अंदर अंतर्विरोध के स्वर उभरने लगेंगे.
रांची लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट के प्रबल दावेदार प्रदीप वर्मा ने कहा कि झारखंड की सभी 14 लोकसभा सीटों पर भाजपा की जीत होगी. सत्ता में काबिज जेएमएम ,कांग्रेस और राजद गठबंधन को जनता सबक सिखाएगी जिस प्रकार से 2019 के विधानसभा चुनाव में लोकलुभावन वादा करके यह गठबंधन सत्ता पर काबिज हुआ और लोगों को लगातार ठग रहा है.इससे राज्य की जनता काफी गुस्से में है और समय आने पर इसका बदला लेगी. लोकसभा चुनाव वह पहला अवसर होगा जब इस गठबंधन के घटक दलों को झारखंड की जनता जवाब देगी.













