*इजराइल ने चेताया : हमास ने युद्ध शुरू किया हम उसे खत्म करेंगे, जनिए हिंसा की ताजा स्थिति*

नई दिल्ली: पिछले 7 अक्टूबर को इजरायली क्षेत्र में फिलिस्तीन के आतंकी संगठन हमास ने जबरदस्त हमला किया जिसमें 700 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 8000 से अधिक लोग जख्मी हैं. इस हमले को लेकर पूरे विश्व भर में चिंता व्यक्त की जा रही है. अभी भी खून-खराबा जारी है.इधर इजराइल ने साफ तौर पर कहा है कि हम आज ने युद्ध शुरू किया है तो इसका अंजाम भी उसे भुगतना होगा.
*हमास ने क्यों किया इजराइल पर हमला*
गाजा पट्टी क्षेत्र में हमास का नियंत्रण है.1987 में इस आतंकी संगठन की स्थापना हुई.फिलिस्तीन में यह इजराइल के खिलाफ धीरे-धीरे जनता के बीच अपनी पैठ बनाया.उसके बाद से हिंसा के माध्यम से इसने इजरायल के साथ युद्ध करने और दुश्मनी साधने का काम शुरू किया है. गाजा पट्टी में इसका शासन चलता है.
इजराइल के साथ फिलिस्तीन का विवाद बहुत पुराना रहा है. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल और फिलीस्तीन के विवाद को लेकर कई बार कूटनीतिक प्रयास के माध्यम से शांति व्यवस्था बनाने का प्रयास किया है.इसमें अमेरिका के अलावा भारत की भी भूमिका महत्वपूर्ण रही है.
*ISIS से तुलना की गई हमास की*
इजराइल के ऊपर हमास के हमले से इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है. अमेरिका ने भी इजराइल को पूरा समर्थन देने की घोषणा की है इसके अतिरिक्त भारत समेत कई देश भी इस हमले की निंदा करते हुए इजराइल के साथ खड़ा है. इजराइल ने समाज के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है.1973 के बाद सबसे बड़ी सैनिक कार्रवाई हो रही है इसमें 3 लाख से अधिक सैनिक लगे हुए हैं. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि हमास इस्लामिक आतंकी संगठन ISIS के जैसा ही है यह बताया जा रहा है कि हमास को कई मुस्लिम देश हर तरह से मदद करते हैं.
*हमास ने इजराइल पर बड़ा हमला किया है*
जिस प्रकार का हमला इजराइल पर हुआ है, वह बहुत ही गंभीर और चिंताजनक है. इस हमले का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव पड़ना स्वाभाविक है. हम आज ने अभी भी कई सैन्य अधिकारियों समेत सैकड़ों लोगों को बंधक बना रखा है. इजराइल ने कड़े शब्दों में हम आज को चेतावनी दी है कि उसने युद्ध शुरू किया है तो इजराइल इसे समाप्त करेगा इसका अर्थ है कि एक बड़े युद्ध का संकेत है.
भारत में इजराइल पर हमास के हमले को आतंकी घटना करार देते हुए इजराइल के समर्थन में खड़ा है.उधर फिलिस्तीन के हमास के समर्थन में कई मुस्लिम देश हैं.ईरान, दक्षिण अफ्रीका यमन जैसे देश ने इसराइल पर हमास के हमले की तारीफ की है. पाकिस्तान के तरफ से भी ऐसे ही कुछ शब्द आए हैं. इधर इजराइल ने दावा किया है कि विश्व के अधिकांश देशों ने उनका समर्थन किया है. अमेरिका के अलावा ब्रिटेन, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, यूरोपीय संघ के कई देशों ने समाज के हमले की निंदा करते हुए इजरायल के समर्थन में बयान जारी किया.अमेरिका ने सैन्य सहायता अभियान इजरायल को देने की घोषणा की है.












