रांची – भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मंगलवार को कहा कि शिबू सोरेन परिवार पर हमला बोला.
बाबूलाल मरांडी ने लोकपाल द्वारा शिबू सोरेन परिवार की चल अचल संपत्ति की जांच के संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लोकपाल का गठन भ्रष्टाचार ,लूट को जड़ से समाप्त करने केलिए हुआ है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2020में सांसद निशिकांत दुबे ने शिबू सोरेन द्वारा सत्ता और पद का दुरुपयोग करते हुए अवैध चल अचल संपत्ति अर्जित की जिसकी जांच करने केलिए लोकपाल में आवेदन दिया था.उन्होंने कहा कि कांग्रेस,झामुमो ,राजद का भ्रष्टाचार से पुराना नाता है. उन्होंने आगे कहा कि ये भ्रष्टाचार भी करते हैं और इसकी सजा से बचने के लिए तरह तरह की तिकड़म भी करते हैं.ये बीजेपी पर आरोप लगाते हैं लेकिन जांच से भागते हैं.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि एक तरफ शिबू सोरेन परिवार ,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भ्रष्टाचार नहीं करने की बात करते हैं.कहते हैं कोई गड़बड़ नहीं किया.तो फिर जांच एजेंसियों से क्यों भागते हैं क्यों जांच रुकवाने केलिए हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट दौड़ते हैं?उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन परिवार बोलता है कि लोकपाल का मामला पुराना है.
उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या कोई चोर पांच दस साल बाद पकड़ा जाएगा तो क्या उसपर मुकदमा दर्ज नहीं होगा.
उन्होंने कहा कि यह मामला लोकपाल का है.सीबीआई जांच होगी.सारे मामले चाहे वह सेल कंपनी के माध्यम से पैसा कमाने का हो या फिर अमित अग्रवाल के साथ सोरेन परिवार का व्यावसायिक संबंध हो,सभी एक एक कर उजागर होंगे. न्यायालय का फैसला भले थोड़े विलंब से आया है लेकिन अच्छा फैसला आया है.
कहा कि आगे कोई भी भ्रष्टाचार को छुपाने केलिए दुस्साहस नही करेगा.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि ये नई परंपरा की शुरुवात करना चाहते हैं.अपनी ओर से मुकदमा को लटकाने और भटकाने की कोशिश करते हैं.लेकिन नतीजा तो भुगतना ही पड़ेगा.
ईडी द्वारा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास में हुई पूछताछ के दिन सीएम आवास के 500 मीटर के दायरे में लगी धारा 144 के उल्लंघन मामले में सीआरपीएफ अधिकारी पर हुए मुकदमे पर सवाल खड़ा करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि इस मामले में सबसे बड़ा दोषी तो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं जो धारा 144 के बीच गाड़ी पर खड़ा होकर भीड़ को संबोधित कर रहे थे.सबसे पहले तो उन्हीं पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ अधिकारी तो अपनी ड्यूटी कर रहे थे. जिस प्रकार सीएम से पूछताछ के दौरान तीर धनुष,हथियार के साथ भाड़े के टट्टू मुख्यमंत्री आवास के बाहर खड़े थे उससे ईडी के अधिकारियों की सुरक्षा सचमुच संदेहास्पद थी. आखिर क्यों इतने लोगों को पूछताछ के दिन बुलाया था.कुछ अधिकारियों को माहौल बिगाड़ने केलिए टूल्स बनाया गया था.
मुख्यमंत्री बताएं कि कितने लोगों पर मुकदमे दर्ज हुए.
उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन लाख हथकंडा अपना लें बच नहीं सकते हैं.ऐसे भ्रष्ट लोगों की जगह होटवार जेल में ही है.
उन्होंने कहा कि अगर भ्रष्टाचारी लुटेरे इसी प्रकार सत्ता पर काबिज होते रहे तो जनता को लोकतंत्र से भरोसा उठ जाएगा.
कहा कि जिन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई लूटी है उन्हे हर हाल में सजा मिलनी चाहिए.
कहा कि भाजपा का भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा. जबतक भ्रष्टाचारियों को सजा नहीं मिल जाती भाजपा चैन से नहीं बैठेगी.एक दिन भ्रष्टाचारियों को होटवार जाना ही पड़ेगा.













