कोलकाता- पश्चिम बंगाल की ममता सरकार को बड़ा झटका लगा है.2016 में 23753 शिक्षकों की नियुक्ति मामले में कोलकाता हाई कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है.हाई कोर्ट ने नियुक्ति को रद्द कर दिया है.जस्टिस देवांशु बसाक की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया है.शिक्षक नियुक्ति में कथित रूप से भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे.इस मामले में सीबीआई भी जांच कर रही है.हाई कोर्ट ने कहा है कि इस घोटाले की जांच सीबीआई करती रहेगी.मालूम हो कि ममता सरकार के मंत्री और मंत्री की महिला मित्र के यहां ईडी के द्वारा छापेमारी में बड़ी मात्रा में कैश और ज्वेलरी बरामद किए गए थे.
कोलकाता हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि नियुक्ति में गड़बड़ी हुई है. इस नियुक्ति प्रक्रिया के तहत जितने भी लोग शिक्षक के रूप में बहाल हुए हैं.उन्हें 6 महीने के अंदर वेतन का पैसा लौटाने को कहा गया है.इसके अलावा राज्य कर्मचारी चयन आयोग को नियुक्ति की नई प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया गया है.इस फैसले ने पश्चिम बंगाल सरकार को हिला कर रख दिया है.भाजपा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में ममता सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण खूब बढ़ा है.रांची में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गुरु प्रकाश पासवान ने कहा कि कोर्ट का आदेश यह साबित करता है कि भाजपा ने जो आरोप लगाए थे, वे बिल्कुल सही थे.ममता सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है.उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ उनकी सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी.
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