रांची- झारखंड में संथाल परगना का क्षेत्र बड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र है. राजनीतिक रूप से इस क्षेत्र में जनाधार का अपना बड़ा महत्व होता है. कहा जाता है की संथाल से ही झारखंड में सत्ता की चाबी मिलती है. जो संथाल परगना में अच्छे से बैटिंग कर लिया वह दल सत्ता प्राप्त कर सकता है यानी सरकार बना सकता है.

भाजपा के लिए 2019 में यहां का अनुभव बड़ा खराब रहा. इसलिए इस बार एक बार फिर से कोशिश की जा रही है कि संथाल परगना को पार्टी के लिए ज्यादा उर्वर बनाया जाए.
झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी संथाल परगना को प्राथमिकता सूची में रखे हुए हैं. अक्सर संथाल परगना में सांगठनिक जड़ को मजबूत करने के लिए जाते रहते हैं. फिलहाल बाबूलाल मरांडी का संथाल परगना दौरा हो रहा है. इस दौरान वे बाइक रैली के अलावा स्थानीय पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक करेंगे.बाबूलाल मरांडी के समक्ष सबसे बड़ा लक्ष्य लोकसभा चुनाव में पार्टी की झोली में झारखंड से पहले की तुलना में अधिक सीटों को डालना है.

प्रदेश भाजपा के मुख्यालय प्रभारी और महामंत्री प्रदीप वर्मा ने कहा कि संथाल परगना में इस बार बहुत अच्छा प्रदर्शन होगा राजमहल लोकसभा सीट भी भाजपा की झोली में आएगी उन्होंने कहा कि झारखंड की गठबंधन सरकार और इसके मुखिया के कामकाज से क्षेत्र के लोग काफी नाराज हैं संथाल परगना सरकार के द्वारा खनिज संसाधनों की लूट का गठित रूप से गवाह बना है केंद्रीय एजेंसियां इस मामले को लेकर जांच कर रही है. इसलिए झारखंड मुक्ति मोर्चा कांग्रेस से इस क्षेत्र के लोगों का मोहभंग हो गया है.













