नई दिल्ली- केंद्र की मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल के माध्यम से यह निर्णय लिया है कि वन नेशन वन इलेक्शन पर आगे बढ़ा जाएगा.कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिल गई है.मालूम हो कि इस संबंध में एक हाई लेवल कमिटी पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता में बनाई गई थी.
इस कमेटी में कई अन्य सदस्य भी थे.कमेटी में देश में वन नेशन वन इलेक्शन की पॉलिसी को जरूरी बताया और केंद्र सरकार को इस पर काम करने की अनुशंसा दी.मालूम हो कि मोदी सरकार यह चाहती है कि लोकसभा चुनाव के साथ राज्यों की विधानसभाओं के भी चुनाव हो जाएं.इससे जहां सरकार का पैसा बचेगा वहीं समय भी बचेगा और इन सब का देश के विकास पर अच्छा असर पड़ेगा.
कैबिनेट की बैठक की जानकारी देते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 1951 से 1967 तक देश में लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं के चुनाव एक साथ होते थे.170 वां विधि आयोग ने भी वन नेशन वन इलेक्शन की पॉलिसी की अनुशंसा की थी.अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस पर अधिकांश राजनीतिक दल सहमत हैं लेकिन आगे बढ़ने स से पहले और भी मंथन की आवश्यकता है.उन्होंने यह भी कहा कि भारत की मोदी सरकार चाहती है कि देश हित में इस ऐतिहासिक निर्णय पर सभी की सहमति बने.
झारखंड बीजेपी की वरिष्ठ नेता और विधानसभा संसद को परिक्रमण्य कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन देश के लिए लाभ प्रत्यय नीति होगी इससे देश का संसाधन भी बचेगा और विकास कार्यों में उसे धन का प्रयोग किया जा सकेगा उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार का यह निर्णय ऐतिहासिक साबित होगा.











