जयपुर- राजस्थान विधानसभा का परिणाम 3 दिसंबर को आया.भाजपा ने कांग्रेस से सत्ता छीन ली.मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई लोग शामिल थे लेकिन पार्टी ने जो निर्णय लिया वह बहुत चौंकाने वाला रहा. सबसे ऊपर नाम राजघराना से ताल्लुक रखने वाली वसुंधरा राजे सिंधिया का था.इसके अलावा बालक नाथ समेत अनेक लोग चर्चा में थे भाजपा ने केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा अन्य लोगों को नियुक्त किया .
मंगलवार को जयपुर में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई.बैठक में ऐसा लग रहा था सब कुछ पहले से तय है.वसुंधरा राजे सिंधिया की ओर से सांगानेर से पहली बार विधायक चुने गए भजनलाल शर्मा का नाम आया.सभी विधायकों ने उनके नाम पर सहमति जता दी. दो डिप्टी सीएम चुन दिए गए राजघराना से ताल्लुक रखने वाली दीया कुमारी और दलित समाज से वेद प्रकाश देवड़ा को डिप्टी सीएम चुना गया. भजनलाल शर्मा मूल रूप से भरतपुर के रहने वाले हैं लेकिन उन्होंने सांगानेर से चुनाव जीता है. राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर यह बताने का प्रयास किया है कि अब मठाधीश का समय चला गया नए लोगों को अवसर मिला. छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान तीसरा ऐसा राज्य हो गया जहां भाजपा ने मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा रहित व्यक्ति को शासन की कमान सौंपी है. भजनलाल शर्मा संगठन मैं काम करते रहे हैं प्रदेश इकाई में वे महामंत्री के पद पर रह चुके हैं.इस तरह के नेता ने बिल्कुल अप्रत्याशित माने जा रहे हैं.
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