रांची – बात अभी से कुछ घंटे पुरानी है.उत्तरकाशी में फंसे मजदूरों के स्वागत के लिए रांची एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे.राज्य सरकार की ओर से सब इंतजाम किया गया था.दिल्ली से लेकर राज्य सरकार के अधिकारी सभी 15 मजदूरों को लेकर रांची पहुंचे थे. उनका रांची एयरपोर्ट पर स्वागत करने के लिए कांग्रेस के कई नेता पहुंचे.राजेश ठाकुर दिल्ली से ही इस प्लान में साथ में थे.

रांची एयरपोर्ट पर कांग्रेस के प्रवक्ता राकेश सिन्हा और राजीव रंजन प्रसाद भी पहुंच गए. कुछ अन्य नेता भी रांची एयरपोर्ट पर थे लेकिन देखने का दृश्य तब बन गया जब बड़ी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के नेता गाजे बाजे के साथ रांची एयरपोर्ट पहुंच गए. रांची महानगर और युवा मोर्चा के कार्यकर्ता वहां पर झंडा बैनर के साथ पहुंच गए.
झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष दीपक प्रकाश सांसद आदित्य साहू,संजय सेठ भी वहां पहुंचे सभी ने रांची एयरपोर्ट के अंदर मजदूरों का स्वागत किया.स्वागत ऐसा हुआ कि सत्ता पक्ष के लोग पिछड़ते नजर आए. इससे कुछ कांग्रेसी नेताओं के चेहरे उड़ गए.उनकी वैसी तैयारी नहीं थी.
भारतीय जनता पार्टी के दीपक ने कहा कि सुरंग में फंसे सभी 41 मजदूरों को निकालने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो मार्गदर्शन किया और उत्तराखंड की सरकार ने विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से सफलतापूर्वक किया काम किया यह अद्भुत है.भारत की सरकार ने यह तय कर लिया था कि सुरंग में फंसे सभी मजदूरों को सुरक्षित निकाला जाना है.इसके लिए विदेश से भी एक्सपर्ट्स बुलाए गए थे.जाहिर सी बात है कि मजदूरों को एक नई जिंदगी मिली है.इसमें भारत सरकार का बड़ा योगदान है.दीपक प्रकाश ने कहा कि कांग्रेस के लोग तो राजनीति करते हैं लेकिन सही काम मोदी सरकार कर रही है. रांची एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं का जलवा देखने को मिला.सभी ने मजदूरों का स्वागत किया.सत्ता पक्ष के लोग भी थे लेकिन सबसे ज्यादा भाजपा के नेता ही छाए रहे.एयरपोर्ट से बाहर आने के बाद मोदी है तो मुमकिन है,भारत माता की जय जैसे नारे लगे.पूरा माहौल भाजपामय हो गया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि स्वागत करना तो ठीक था.लेकिन मोदी- मोदी के नारे लगाने की यहां जरूरत नहीं थी.भाजपा वाले राजनीति कर रहे थे जबकि यह मजदूर से जुड़ा मामला था मजदूर जिंदाबाद के नारे लगने चाहिए थे.













