
रांची – बिजली कनेक्शन के लिए रिश्वत मांगने का यह मामला है. इसमें एक जूनियर इंजीनियर एक उपभोक्ता से बिजली कनेक्शन लगाने के एवज में रिश्वत मांग रहा था. शिकायतकर्ता ने इसकी सूचना ACB को दी थी. एसीबी ने जल बेचकर इस रिश्वतखोर इंजीनियर को पकड़ा था.उसके बाद अभियोजन की प्रक्रिया चली. शनिवार को जूनियर इंजीनियर को 2 साल की सजा सुनाई गई है.
*विस्तार से जानिए इस मामले को*
बिजली विभाग में कथित रूप से भ्रष्टाचार के मामले आते रहते हैं.बिजली कनेक्शन, ट्रांसफार्मर निर्गत करने के नाम पर बिजली विभाग के अधिकारी- कर्मचारी पैसा वसूलते हैं.जूनियर इंजीनियर हीरालाल सिंह ने एक शिकायतकर्ता चंद्रभूषण से बिजली कनेक्शन निर्गत करने के लिए बीस हजार रुपए घूस की मांग कर रहा था.उपभोक्ता चंद्रभूषण रिश्वत नहीं देना चाहते थे.उन्होंने इसकी शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो यानी एसीबी से की. आरंभिक सत्यापन पर यह शिकायत सच पाई गई.उसके बाद एसीबी ने टीम बनाकर बिजली विभाग कैसे जूनियर इंजीनियर को 10 हजार रुपए घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा था.
बिजली विभाग के इंजीनियर हीरालाल सिंह जब रिश्वत लेते पकड़े गए तो विभाग ने उन्हें निलंबित कर दिया इसके अलावा उनके खिलाफ अभियोजन की स्वीकृति दी गई एसीबी विशेष कोर्ट में मुकदमा चला. अभियोजन पक्ष की ओर से कल 11 गवाह पेश किए गए. ट्रायल कोर्ट ने जूनियर इंजीनियर हीरालाल सिंह को दोषी मानते हुए 2 साल की सजा और 60000 रुपया जुर्माना लगाया है.अगर वह जुर्माना की राशि नहीं जमा करते हैं तो सजा की अवधि 6 माह अतिरिक्त होगी.(DESK)













