रांची/ नई दिल्ली- झारखंड मुक्ति मोर्चा को त्याग कर भाजपा में शामिल होकर सीता सोरेन ने झारखंड की सियासत में वह हंगामा किया है कि भाजपा विरोधी के आंखें फट गई हैं.जहां झारखंड में राजनीतिक घराना के रूप में सोरेन परिवार जाना जाता है.उस परिवार के एक मजबूत स्तंभ को भाजपा ने तोड़कर अपने किले में लगा लिया है.भाजपा को इस राजनीतिक कवायद से बड़ा लाभ हुआ है.सब कुछ सिस्टमैटिक तरीके से हुआ है.गोपनीयता तो ऐसी बरती गई कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के कद्दावर नेताओं को भी इसकी भनक तक नहीं लगी.सीता सोरेन अपनी बेटियों के साथ दिल्ली में थीं.वहीं से यह तूफान उठा जो झारखंड की सियासत में बवाल मचा गया.सबसे पहले गुरु जी के नाम पत्र है.उसके बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर यह स्पष्ट हो गया कि सीता सोरेन परिवार से कहीं आगे निकल गई हैं.भाजपा नेताओं का कहना है कि सोरेन परिवार एक ऐसा परिवार है जहां कुछ ही लोग राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं और जो इनके हिसाब किताब में शामिल नहीं होता उनके लिए यह एक सुरंग जैसा है.सीता सोरेन अपनी बेटियों के लिए अधिक चिंतित दिख रही हैं.कुछ वर्ष पूर्व सीता सोरेन की बेटियों ने दुर्गा सोरेन सेना का गठन किया था.भाजपा नेताओं का कहना है कि गुरु जी के प्रति झारखंड वासियों की श्रद्धा है.उन्होंने झारखंड आंदोलन में महत्व भूमिका निभाई .इसके अलावे कहीं कुछ खास नहीं रहा है.
सीता सोरेन परिवार की सबसे बड़ी बहू होने के बावजूद पार्टी के अंदर और परिवार के बीच भी उपेक्षा का शिकार हो रही थीं.उनके कई बार बयान भी आ चुके थे. अपनी संतान के भविष्य के प्रति चिंतित एक मां का दर्द जायज माना जा रहा है.दुर्गा सोरेन और सीता सोरेन की दो बेटियां राजनीतिक क्षेत्र में भविष्य आजमा सकती हैं.हाल में हेमंत सोरेन के जेल जाने के वक्त भी सीता सोरेन को नजर अंदाज किया गया.
ताजा जानकारी के अनुसार सीता स्वयं की भाजपा में शामिल होने की पटकथा 2 दिन पूर्व लिखी जानी शुरू हुई इसके एक बड़े सूत्रधार प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह रहे. इसके अलावा झारखंड बीजेपी के प्रभारी लक्ष्मीकांत वाजपेई को भी इसका एक बड़ा श्रेय जाता है.पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से हरी झंडी मिलने के बाद उन्हें सबसे पहले पार्टी से इस्तीफा दिलवाया गया.इसके बाद विधानसभा की सदस्यता से सीता सोरेन ने इस्तीफा दिया और झटपट दिल्ली मुख्यालय में शामिल कराने की तैयारी हो गई. बताया जा रहा है कि प्रदेश स्तर पर अंतिम समय में प्रमुख नेताओं को जानकारी दी गई. बाबूलाल मरांडी ने कहा है कि सीता सोरेन का भाजपा परिवार में स्वागत है.वह पार्टी के लिए काम करेंगी.भाजपा में महिलाओं का एक अलग स्थान और सम्मान है.पार्टी के प्रदेश महामंत्री और राज्यसभा के नवनिर्वाचित सदस्य प्रदीप वर्मा ने भी सीता सोरेन के भाजपा में शामिल होने का स्वागत किया है.उन्होंने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा में वह उपेक्षा के कारण घुटन महसूस कर रही थीं.भाजपा में लोकतांत्रिक व्यवस्था है.यहां सभी का सम्मान है. अब जानिए विपक्षी गठबंधन का यानी इंडिया लाइंस का क्या होगा झारखंड में सीता सोरेन के भाजपा में शामिल होने से एक बड़ा संदेश गया है कि राज्य स्तर पर बड़ा भाई कहलाने वाला झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने परिवार को नहीं संभाल पा रहा है.लोकसभा चुनाव के मद्देनजर झारखंड की जनता में झारखंड मुक्ति मोर्चा के बारे में एक स्पष्ट संदेश चला गया है कि सोरेन परिवार में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है.लोकसभा चुनाव में इसका क्या असर होगा इसका अनुमान लगाया जा सकता है.
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